{"_id":"68c1d9cb1eb1cfdbc3088bb5","slug":"the-use-of-concrete-gave-birth-to-the-heat-island-effect-gautam-haldwani-news-c-8-1-hld1031-634316-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंक्रीट के उपयोग से हीट आइलैंड प्रभाव को दिया जन्म : गौतम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंक्रीट के उपयोग से हीट आइलैंड प्रभाव को दिया जन्म : गौतम
विज्ञापन
हल्द्वानी। यूओयू और देवभूमि विज्ञान समिति ने विश्वविद्यालय परिसर में हिमालय क्षेत्र के संरक्षण मंथन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक अकादमिक प्रो. पीडी पंत ने किया। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. गौतम रावत ने कहा कि कंक्रीट के उपयोग से हीट आइलैंड प्रभाव पैदा हुआ है। तापमान में वृद्धि हो रही है। इसके लिए यूओयू उनके साथ मिलकर शोध और जागरूकता कार्य कर सकता है। एमओयू भी कर सकता है।
एरीज के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह कहा कि बढ़ते तापमान के कारण हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पीछे हट रहे हैं, जिससे नदियों को खतरा है। बादल फटने और भूस्खलन जैसी चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति ने इस क्षेत्र को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। कार्यक्रम सह-संयोजक प्रो. कमल देवलाल, आशुतोष सिंह, प्रो.गिरिजा पांडेय के अलावा वर्चुअली जुड़े कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने भी अपनी बात रखी। वहां सह-संयोजक डॉ. एचसी जोशी, प्रो. जितेंद्र पांडे, प्रो. आशुतोष भट्ट, प्रो. गगन सिंह डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. श्याम सिंह कुंजवाल भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
एरीज के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह कहा कि बढ़ते तापमान के कारण हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पीछे हट रहे हैं, जिससे नदियों को खतरा है। बादल फटने और भूस्खलन जैसी चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति ने इस क्षेत्र को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। कार्यक्रम सह-संयोजक प्रो. कमल देवलाल, आशुतोष सिंह, प्रो.गिरिजा पांडेय के अलावा वर्चुअली जुड़े कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने भी अपनी बात रखी। वहां सह-संयोजक डॉ. एचसी जोशी, प्रो. जितेंद्र पांडे, प्रो. आशुतोष भट्ट, प्रो. गगन सिंह डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. श्याम सिंह कुंजवाल भी मौजूद रहे।
विज्ञापन