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Nainital News: नाम के आगे फीकी पड़ गई चमक
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डाइविंग पुल में गिरा सामान।
हल्द्वानी। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम फिर किसी बड़े खेल आयोजन के इंतजार में है। बनने के बाद से बदहाल स्टेडियम को बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि उसके कभी अच्छे दिन आएंगे। फिर यहां राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हुआ और कुछ दिनों के लिए एकाएक सब कुछ बदल गया। अब खेल खत्म होने के बाद स्टेडियम के साथ अव्यवस्थाओं का ऐसा खेल हो गया कि न यहां खेल हैं और न खिलाड़ी।
शहर से करीब आठ किमी दूर वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने 176 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण किया। मुख्य उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना था। पहले तो छह साल तक स्टेडियम का हस्तांतरण खेल विभाग को नहीं हो पाया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वर्ष 2022 में इसका हस्तांतरण हुआ मगर तब तक स्टेडियम पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गया। इधर, 28 जनवरी 2025 से 14 फरवरी तक यहां हुए राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर इसका जीर्णोद्धार किया। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार स्विमिंग पूल बनाए गए। खूबसूरती बढ़ाने को लाखों रुपये खर्च कर फूल आदि लगाए गए। बिजली, पानी की लाइन भी बिछाई गई।
अब राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद इसकी ओर देखना वाला कोई नहीं है। जिन बगीचों में लाखों रुपये खर्च कर फूल लगाए गए थे उसमें बड़ी-बड़ी घास उग आई है। स्टेडियम के प्रवेश, पार्किंग में भी फिर बड़ी-बड़ी घास जमने लगी है। स्टेडियम में पीआरडी कर्मियों के अलावा खेल विभाग रखरखाव के लिए एक भी कर्मचारी तैनात नहीं कर पाया है। लोगों का कहना है कि हाल ही में इसके जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं तो अब इसका रखरखाव भी जरूरी है।
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शहर से करीब आठ किमी दूर वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने 176 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण किया। मुख्य उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना था। पहले तो छह साल तक स्टेडियम का हस्तांतरण खेल विभाग को नहीं हो पाया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वर्ष 2022 में इसका हस्तांतरण हुआ मगर तब तक स्टेडियम पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गया। इधर, 28 जनवरी 2025 से 14 फरवरी तक यहां हुए राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर इसका जीर्णोद्धार किया। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार स्विमिंग पूल बनाए गए। खूबसूरती बढ़ाने को लाखों रुपये खर्च कर फूल आदि लगाए गए। बिजली, पानी की लाइन भी बिछाई गई।
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अब राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद इसकी ओर देखना वाला कोई नहीं है। जिन बगीचों में लाखों रुपये खर्च कर फूल लगाए गए थे उसमें बड़ी-बड़ी घास उग आई है। स्टेडियम के प्रवेश, पार्किंग में भी फिर बड़ी-बड़ी घास जमने लगी है। स्टेडियम में पीआरडी कर्मियों के अलावा खेल विभाग रखरखाव के लिए एक भी कर्मचारी तैनात नहीं कर पाया है। लोगों का कहना है कि हाल ही में इसके जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं तो अब इसका रखरखाव भी जरूरी है।
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