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सूखी नदी से रोकी प्रसव पीड़िता की राह
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विजयपुर में सूखीनदी में जान जोखिम में डालकर नदी पार करते ग्रामीण। संवाद
हल्द्वानी। गौलापार की सूखी नदी ने प्रसव पीड़िता की राह रोक दी। ढाई घंटे तक वह पीड़ा से कराहती रही। पानी कम होने पर उसे हल्द्वानी लाया जा सका। अब वह महिला अस्पताल में भर्ती है। सूखी नदी पर लंबे समय से पुल निर्माण की मांग उठ रही है।
आजादी के बाद से कितनी सरकारें आई गईं, विकास की कितनी बातें कही गई लेकिन यह विडंबना ही है कि कुमाऊं की मंडी हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से महज पांच किमी दूर विजयपुर गांव में दो किमी सड़क इन सालों में कभी बनी ही नहीं। गांव से निकलते ही एक सूखी नदी नाम की नदी भी बहती है जो नाम के अनुरूप तो सूखी रहती है सिर्फ बारिश में ही कहर बरपाती है। मंगलवार सुबह की बारिश में गांव की एक प्रसव पीड़िता को विकास के इन हालात से गुजरना पड़ा जब बारिश के कारण कच्चे मार्ग में सड़क तक आने और फिर ढाई घंटे तक बारिश के रुकने का इंतजार करना पड़ा।
हल्द्वानी से महज पांच किमी दूर है विजयपुर गांव। यहां तकरीबन 75 से 80 परिवार रहते हैं। इस गांव से मुख्य सड़क तक जाने के लिए पहले दो किमी कच्ची सड़क पर चलना पड़ता है और उसके बाद सूखी नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान सूखी नदी विकराल रूप ले लेेती है। मंगलवार सुबह विजयपुर निवासी प्रसव पीड़िता को गांव के लोग किसी तरह ऊबड़-खाबड़ मार्ग से लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। यहां सूखी नदी उफान पर थी। प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को ढाई घंटे वहीं रुकना पड़ा। पानी का स्तर कम होने पर हल्द्वानी लाया जा सका। विजयपुर निवासी समाजसेवी पंकज कोटलिया ने कहा कि लंबे समय से सूखी नदी पर पुल निर्माण की मांग उठ रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव की सड़क भी ऊबड़-खाबड़ है, इस पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ...............
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सूखी नदी के उफान पर आने पर प्रसव पीड़िता को परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव वाले मौके पर एकत्र थे, बमुश्किल उसे हल्द्वानी महिला अस्पताल तक पहुंचाया जा सका। यह बड़ा दुर्भाग्य है कि हल्द्वानी से इतने नजदीक होने के बाद भी विजयपुर गांव विकास के लिए तरस रहा है।
-रमा मेहता, ग्राम प्रधान।
.....
-विजयपुर गांव की सड़क स्वीकृत हो चुकी है, बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। पौने दो किमी सड़क थी जिसे वन विभाग ने तीन सौ मीटर कम कर दिया था इसी कारण काम लटक गया था। वहीं पुल के लिए दो बार टेंडर हो चुके हैं। पहली बार कोई नहीं आया और दूसरी बार में रेट ज्यादा लगा दिए गए। अब तीसरी बार पुल के लिए टेंडर होगा।
-डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक लालकुआं।
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आजादी के बाद से कितनी सरकारें आई गईं, विकास की कितनी बातें कही गई लेकिन यह विडंबना ही है कि कुमाऊं की मंडी हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से महज पांच किमी दूर विजयपुर गांव में दो किमी सड़क इन सालों में कभी बनी ही नहीं। गांव से निकलते ही एक सूखी नदी नाम की नदी भी बहती है जो नाम के अनुरूप तो सूखी रहती है सिर्फ बारिश में ही कहर बरपाती है। मंगलवार सुबह की बारिश में गांव की एक प्रसव पीड़िता को विकास के इन हालात से गुजरना पड़ा जब बारिश के कारण कच्चे मार्ग में सड़क तक आने और फिर ढाई घंटे तक बारिश के रुकने का इंतजार करना पड़ा।
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हल्द्वानी से महज पांच किमी दूर है विजयपुर गांव। यहां तकरीबन 75 से 80 परिवार रहते हैं। इस गांव से मुख्य सड़क तक जाने के लिए पहले दो किमी कच्ची सड़क पर चलना पड़ता है और उसके बाद सूखी नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान सूखी नदी विकराल रूप ले लेेती है। मंगलवार सुबह विजयपुर निवासी प्रसव पीड़िता को गांव के लोग किसी तरह ऊबड़-खाबड़ मार्ग से लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचे। यहां सूखी नदी उफान पर थी। प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को ढाई घंटे वहीं रुकना पड़ा। पानी का स्तर कम होने पर हल्द्वानी लाया जा सका। विजयपुर निवासी समाजसेवी पंकज कोटलिया ने कहा कि लंबे समय से सूखी नदी पर पुल निर्माण की मांग उठ रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव की सड़क भी ऊबड़-खाबड़ है, इस पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ...............
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सूखी नदी के उफान पर आने पर प्रसव पीड़िता को परेशानी का सामना करना पड़ा। गांव वाले मौके पर एकत्र थे, बमुश्किल उसे हल्द्वानी महिला अस्पताल तक पहुंचाया जा सका। यह बड़ा दुर्भाग्य है कि हल्द्वानी से इतने नजदीक होने के बाद भी विजयपुर गांव विकास के लिए तरस रहा है।
-रमा मेहता, ग्राम प्रधान।
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-विजयपुर गांव की सड़क स्वीकृत हो चुकी है, बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा। पौने दो किमी सड़क थी जिसे वन विभाग ने तीन सौ मीटर कम कर दिया था इसी कारण काम लटक गया था। वहीं पुल के लिए दो बार टेंडर हो चुके हैं। पहली बार कोई नहीं आया और दूसरी बार में रेट ज्यादा लगा दिए गए। अब तीसरी बार पुल के लिए टेंडर होगा।
-डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक लालकुआं।