Ramnagar: उत्तराखंड बोर्ड में घट रही विद्यार्थियों की संख्या, बेहतर शिक्षा के लिए CBSE की ओर बढ़ रहा रुझान
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या साल दर साल गिरती जा रही है।
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उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या साल दर साल गिरती जा रही है। पिछले छह साल के आंकड़े बताते हैं कि राज्य की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में छात्र संख्या लगातार कम हुई है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में लगातार परीक्षार्थियों की संख्या घटना चिंता का विषय है। माना जा रहा है कि अभिभावकों और बच्चों का रुझान सीबीएसई की पढ़ाई की ओर बढ़ने और सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी उत्तराखंड बोर्ड में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का बड़ा कारण है। हालांकि बोर्ड की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर पाठ्यक्रम शुरू किया गया है ताकि बेहतर पढ़ाई के साथ ही परीक्षा परिणाम में सुधार हो सके।
साल दर साल बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या
साल हाईस्कूल इंटरमीडिएट
2019 1,46,584 1,22,618
2020 1,47,155 1,19,164
2021 1,47,725 1,21,705
2022 1,27,895 1,11,688
2023 1,27,844 1,23,945
2024 1,15,606 94,748
सीबीएसई की ओर से संचालित अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश हुए है। ऐसे में उत्तराखंड बोर्ड में परीक्षार्थियों की संख्या घटी है। आने वाले वर्षों में यदि अटल उत्कृष्ट विद्यालय फिर से उत्तराखंड बोर्ड में शामिल होते है तो फिर परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ेगी।
- वीपी सिमल्टी, सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद।
बच्चों की संख्या घटने का कारण पूर्व में उत्तराखंड बोर्ड की ओर से संचालित अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का दो वर्षों से बोर्ड परिवर्तित होकर सीबीएसई हो गया है। इन विद्यालयों में भी आधे से अधिक के अभिवावकों ने वापस उत्तराखंड बोर्ड में बच्चों का दाखिला कराने की सहमति दी है। इससे भविष्य में उत्तराखंड बोर्ड में बच्चे फिर बढ़ जाएंगे।