फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The largest hospital trust in the night of junior doctors

रात में जूनियर डाक्टरों के भरोसे सबसे बड़ा अस्पताल 

Mon, 15 Aug 2016 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी। Updated Mon, 15 Aug 2016 01:32 AM IST
विज्ञापन
सुशीला तिवारी अस्पताल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल में सबसे अधिक अराजकता है। दो विभागों के विभागाध्यक्षों की मनमानी के चलते कई विभागों के आपरेशन टल रहे हैं। सबसे बड़ा अस्पताल रात में जूनियर डाक्टरों के हवाले रहता है। जूनियर डाक्टर सीनियर को कॉल नहीं करते हैं और कई बार कॉल करने पर सीनियर डाक्टर नहीं आते हैं। 
विज्ञापन


डाक्टरों की लापरवाही से सुशीला तिवारी अस्पताल में कई मरीज असामयिक मौत के मुंह में जा चुके हैं। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और जिलाधिकारी के छापे के बावजूद एसटीएच की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। प्राचार्य और एमएस भले ही हालत सुधारने को मेहनत कर रहे हों मगर कुछ डाक्टर अपनी कार्यप्रणाली बदलने को तैयार नहीं हैं। एसटीएच में अराजकता का आलम ये है कि रात में एक भी सीनियर डाक्टर अस्पताल में नहीं होता है।
विज्ञापन


पीजी जेआर के हवाले पूरा अस्पताल चलता है। रात में आने वाले मरीजों को अक्सर बिना इलाज के चलता कर दिया जाता है। सवाल ये उठता है कि क्या सरकार गरीब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने को लेकर संजीदा नहीं है। इतने मामले होने के बाद भी हर बार जांच होती है पर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। कहीं शासन में बैठे लोगों ही दोहरा मापदंड तो नहीं अपना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed