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विकास के लिए विज्ञान और तकनीक को अपनाना जरूरी : प्रो. राव
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 13 May 2016 11:53 PM IST
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प्रो. सीएन राव
- फोटो : अमर उजाला
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भारत रत्न वैज्ञानिक प्रो. सीएनआर राव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक को अपनाए बगैर देश का विकास संभव नहीं है। विज्ञान से तरक्की तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश में मैन पावर की कमी नहीं है, बस जरूरत इसे सही दिशा में लगाने की है।
कुमाऊं विवि के हर्मिटेज भवन में आयोजित गोष्ठी का विषय ‘भारत विश्वस्तर पर विज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकता है’ था। प्रो. सीएनआर राव ने कहा कि विज्ञान की मदद से आज जापान जैसा छोटा सा देश उन्नति के शिखर पर जा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भारत विशाल जनसंपदा वाला देश है। यहां मैनपावर की कमी नहीं है, बस इसे सही दिशा देने की जरूरत है। पूरी दुुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां प्राकृतिक संपदा का भंडार है।
यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो देश चौतरफा तरक्की प्राप्त कर सकता है। प्रो. राव ने इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने शोधार्थियों से कहा कि शोध करने के लिए विषयों की कमी नहीं है। इन विषयों पर कई तरह से शोध किया जा सकता है, लेकिन यह देखने की बात है कि शोध का स्तर कैसा है। उन्होंने शोधार्थियों से विश्वस्तरीय शोध के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। कुविवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने उम्मीद जताई कि प्रो. राव के विचारों से शोधार्थियों को नई दिशा मिलेगी।
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इससे पूर्व उन्होंने प्रो. राव का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। संचालन डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता ने किया। इस मौके पर प्रो. सीसी पंत, प्रो. संतोष कुमार, डॉ. इंदुमणि राव, प्रो. रंगा उदय, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. मधुरेंद्र कुमार, डॉ. ललित तिवारी, राजीव उपाध्याय, प्रो. चंद्रभान, संजय राव समेत कई शोधार्थी मौजूद थे।
कुमाऊं विवि के हर्मिटेज भवन में आयोजित गोष्ठी का विषय ‘भारत विश्वस्तर पर विज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकता है’ था। प्रो. सीएनआर राव ने कहा कि विज्ञान की मदद से आज जापान जैसा छोटा सा देश उन्नति के शिखर पर जा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भारत विशाल जनसंपदा वाला देश है। यहां मैनपावर की कमी नहीं है, बस इसे सही दिशा देने की जरूरत है। पूरी दुुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां प्राकृतिक संपदा का भंडार है।
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यदि इसका सही उपयोग किया जाए तो देश चौतरफा तरक्की प्राप्त कर सकता है। प्रो. राव ने इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने शोधार्थियों से कहा कि शोध करने के लिए विषयों की कमी नहीं है। इन विषयों पर कई तरह से शोध किया जा सकता है, लेकिन यह देखने की बात है कि शोध का स्तर कैसा है। उन्होंने शोधार्थियों से विश्वस्तरीय शोध के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। कुविवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने उम्मीद जताई कि प्रो. राव के विचारों से शोधार्थियों को नई दिशा मिलेगी।
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इससे पूर्व उन्होंने प्रो. राव का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। संचालन डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. एसपीएस मेहता ने किया। इस मौके पर प्रो. सीसी पंत, प्रो. संतोष कुमार, डॉ. इंदुमणि राव, प्रो. रंगा उदय, प्रो. डीएस बिष्ट, प्रो. मधुरेंद्र कुमार, डॉ. ललित तिवारी, राजीव उपाध्याय, प्रो. चंद्रभान, संजय राव समेत कई शोधार्थी मौजूद थे।