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गवाह सुरक्षा पॉलिसी लागू न होने पर सरकार से मांगा जवाब, हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने को कहा
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट ने गवाह सुरक्षा पॉलिसी को अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं कराने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब देने के निर्देश देते हुए विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी रूहानी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में अभी तक गवाह सुरक्षा पॉलिसी नहीं बनाई गई है, जिस कारण कई गवाहों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रदेश के हर जिले में गवाह सुरक्षा समितियां बनाने के साथ ही हर जिले में एक महिला थाने भी बनाया जाए।
जिसमें पीड़ित महिलाएं व गवाह अपने शिकायतें दर्ज करा सकें। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि यह पॉलिसी बनाई गई है लेकिन सभी जिलों में अभी उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा सका है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस संबंध में तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी रूहानी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश में अभी तक गवाह सुरक्षा पॉलिसी नहीं बनाई गई है, जिस कारण कई गवाहों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रदेश के हर जिले में गवाह सुरक्षा समितियां बनाने के साथ ही हर जिले में एक महिला थाने भी बनाया जाए।
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जिसमें पीड़ित महिलाएं व गवाह अपने शिकायतें दर्ज करा सकें। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि यह पॉलिसी बनाई गई है लेकिन सभी जिलों में अभी उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा सका है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस संबंध में तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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