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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल किया अपना जवाब
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:07 AM IST
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उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मामले में केंद्र सरकार ने सोमवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया है। इस प्रकरण में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से प्रतिशपथ पत्र दाखिल किया जाना है। मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को होनी है। बता दें कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के खिलाफ हरीश रावत की ओर से दायर याचिका की गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय के निदेशक सतेंद्र कुमार भल्ला ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के संदर्भ में सील कवर दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं, क्योंकि यह दस्तावेज गोपनीय है।
बता दें कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के खिलाफ निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए 31 मार्च की तिथि तय की थी। कोर्ट ने शक्ति परीक्षण में बागी विधायक को भी शामिल करने के निर्देश दिए थे।
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हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल नरेंद्र दत्त की देखरेख में शक्ति परीक्षण होगा। कोर्ट ने मतदान का परिणाम सील कवर में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एकलपीठ के इस आदेश को हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने चुनौती दी थी। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
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केंद्र सरकार की ओर से गृह मंत्रालय के निदेशक सतेंद्र कुमार भल्ला ने कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के संदर्भ में सील कवर दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं, क्योंकि यह दस्तावेज गोपनीय है।
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बता दें कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के खिलाफ निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए 31 मार्च की तिथि तय की थी। कोर्ट ने शक्ति परीक्षण में बागी विधायक को भी शामिल करने के निर्देश दिए थे।
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हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी थी कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल नरेंद्र दत्त की देखरेख में शक्ति परीक्षण होगा। कोर्ट ने मतदान का परिणाम सील कवर में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एकलपीठ के इस आदेश को हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने चुनौती दी थी। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।