फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Sumo fell from the roof of the death of the elderly

सूमो की छत से गिरकर बुजुर्ग की मौत

Sun, 06 Nov 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल/पतलोट (नैनीताल)।
अमर उजाला ब्यूरो भीमताल/पतलोट (नैनीताल)। Updated Sun, 06 Nov 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
Sumo fell from the roof of the death of the elderly
सड़क दुर्घटना - फोटो : symbolic

ओखलकांडा ब्लॉक की छीड़ाखान-मीडार रोड में छीड़ गांव के पास टाटा सूमो की छत पर सवार बुजुर्ग वाहन की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पीएचसी ओखलकांडा में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें एसटीएच लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

विज्ञापन


शनिवार सुबह करीब नौ बजे लगर गांव निवासी रमेश पनेरू (63) पुत्र शिवदत्त पनेरू लगर से पतलोट को जाने के लिए अपनी बेटी उमा पनेरू (19) के साथ सड़क किनारे खड़े होकर वाहन की प्रतीक्षा कर रहे थे। तभी टाटा सूमो (यूके 04-सी-0017) वहां पहुंची।
विज्ञापन


वाहन यात्रियों से खचाखच भरा था और कुछ लोग उसकी छत पर भी सवार थे। रमेश पनेरू भी पतलोट जाने के लिए सूमो की छत पर सवार हो गए। बताया जाता है कि पतलोट से करीब एक किलोमीटर पहले छीड़ के पास पहुंचते ही अचानक रमेश पनेरू सूमो की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया गया है कि वाहन के छत पर दो लोग और भीतर 16 सवारियां थीं। हादसे के तुरंत बाद घायल रमेश पनेरू की बेटी उमा किसी तरह उन्हें 19 किलोमीटर दूर खनस्यू लेकर आई, जहां से आपातकालीन वाहन 108 की मदद से उन्हें पीएचसी ओखलकांडा पहुंचाया गया।

ओखलकांडा में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान रमेश पनेरू ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक मौत का कारण सिर में चोट लगना और अधिक रक्तस्राव होना रहा। मृतक रमेश पनेरू अपने पीछे तीन लड़कियों, तीन लड़कों और पत्नी को रोते बिलखते छोड़ गए।

बुजुर्ग की मौत से खुली व्यवस्था की पोल

छीड़ा गांव के पास टाटा सूमो की छत से गिरकर हुई बुजुर्ग की मौत की घटना ने दूरस्थ क्षेत्र की लचर यातायात व्यवस्था और यातायात नियमों के उल्लंघन की कलई खोलकर रख दी।

ग्रामीण बताते हैं कि वह पिछले कई साल से परिवहन विभाग के अधिकारियों से लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक से दूरस्थ गांवों में परिवहन निगम की बसें चलाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन आज तक इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हुई।


उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही केमू की एक गाड़ी इस रोड पर चलाई गई थी, लेकिन वह भी कुछ ही दिनों में बंद कर दी गई। ऐसे में सूमो और अन्य टैक्सी चालक निहित स्वार्थों के लिए ओवरलोडिंग कर हादसों को दावत देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed