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छात्रसंघ चुनाव में अब तोड़ फोड़ की राजनीति
नवीन सक्सेना
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:05 AM IST
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छात्रसंघ चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार को एमबीपी कालेज के नामांकन में यह भी सामने आया कि तोड़ फोड़ की राजनीति अब छात्र संघ चुनाव में हावी है। जीत के लिए अब ये छात्र नेता भी जातीय समीकरणों का सहारा लेते दिख रहे हैं।
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2014 में छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे सूरज सिंह नौला इस समय एवीबीपी के समर्थन में हैं। कालेज के पास लगे एबीवीपी प्रत्याशी विजय जोशी के होर्डिंग पर एक ओर विजय का फोटो था, तो दूसरी ओर नौला का फोटो यही कहानी बयां कर रहा है।
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खुद नौला भी एबीवीपी प्रत्याशी के जुलूस में दिखाई दिए। एबीवीपी के इस गणित के पीछे नौला का क्षत्रिय होना और एनएसयूआई के असंतुष्टों पर पकड़ होना बताया जा रहा है।
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दूसरी ओर, एवीबीपी के बागी नीरज मेहरा के साथ एवीबीपी के ही कई नेता दिखाई दे रहे हैं। मेहरा के साथ क्षत्रिय छात्र नेताओं की फौज भी जुटती दिखी और कई असंतुष्ट भी बुधवार को सामने आए।
ऐसे में एनएसयूआई और एवीबीपी ब्राह्मण छात्र नेताओं को अपने साथ जोड़ कर चल रही है। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी से विजय जोशी और एनएसयूआई से अमन सुयाल दोनों ही प्रत्याशी ब्राह्मण हैं।
बुधवार को अमन सुयाल के जुलूस में एनएसयूआई के कई पुराने छात्र संघ अध्यक्षों का न दिखना भी बता रहा है कि ध्रुवीकरण कहीं गहरे तक हुआ है। इस बार के जुलूस में खास बात यह भी रही कि एनएसयूआई के साथ पुराने कांग्रेसी नेता नहीं दिखाई दिए।