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श्रीगुरुरामराय मेडिकल कॉलेज पर पांच लाख का जुर्माना, हाईकोर्ट ने जुर्माने की राशि एचएनबी गढ़वाल विवि को देने को कहा
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प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हेमवती नंदन बहुगुणा (एचएनबी) गढ़वाल विश्वविद्यालय से अनुमति लिए बिना 30 छात्रों को 2017-18 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रवेश देने पर हाईकोर्ट ने श्रीगुरुरामराय मेडिकल कॉलेज पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने जुर्माने की यह राशि एचएनबी विश्वविद्यालय को देने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने विवि को निर्देश दिए हैं कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई। मामले के अनुसार श्री गुरुरामराय मेडिकल कॉलेज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसे मेडिकल की पढ़ाई के लिए एचएनबी विश्वविद्यालय से अनुमति नहीं मिल रही है, जिसके चलते उन 30 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, जिन्हें 2017 में प्रवेश दिया गया था।
वहीं, एचएनबी विश्वविद्यालय ने कोर्ट को बताया कि मेडिकल कॉलेज ने 2017 में 30 छात्रों को गलत तरीके से प्रवेश दे दिया था, जबकि इसकी अनुमति विश्वविद्यालय से नहीं ली गई थी। पक्षों की सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मेडिकल कॉलेज पर पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए यह राशि एचएनबी विश्वविद्यालय को देने को कहा है। अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि छात्रों की पढ़ाई पूर्ण करने में सहयोग करें ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो।
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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई। मामले के अनुसार श्री गुरुरामराय मेडिकल कॉलेज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसे मेडिकल की पढ़ाई के लिए एचएनबी विश्वविद्यालय से अनुमति नहीं मिल रही है, जिसके चलते उन 30 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, जिन्हें 2017 में प्रवेश दिया गया था।
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वहीं, एचएनबी विश्वविद्यालय ने कोर्ट को बताया कि मेडिकल कॉलेज ने 2017 में 30 छात्रों को गलत तरीके से प्रवेश दे दिया था, जबकि इसकी अनुमति विश्वविद्यालय से नहीं ली गई थी। पक्षों की सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मेडिकल कॉलेज पर पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए यह राशि एचएनबी विश्वविद्यालय को देने को कहा है। अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं कि छात्रों की पढ़ाई पूर्ण करने में सहयोग करें ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो।
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