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दहशत में गुजारी पूरी रात
सुरेश कांडपाल, नैनीताल।
Updated Mon, 30 May 2016 11:31 PM IST
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नारायण नगर क्षेत्र के करीब 50 परिवार दहशत में जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं है, जिससे क्षेत्र में कभी हादसा हो जाता है तो क्षेत्र निवासी किसी से संपर्क नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वह बारिश, आंधी, तूफान आने पर दहशत में रात भर सो नहीं पाते हैं कि कब कोई हादसा घट जाए। रविवार देर रात्रि में मूसलाधार बारिश से कैमिल्स बैक के नाले से बड़े-बड़े बोल्डर व पत्थर के साथ मलबे की आवाज से क्षेत्र के परिवार वाले कांप उठे।
क्षेत्र की आशा देवी (60) ने बताया कि वह देर रात करीब एक बजे पहाड़ से बोल्डर गिरने तथा तेज हवाओं के साथ पानी का बहाव देकर दहशत में आ गईं। जब घरों के अंदर मलबा घुसने लगा तो वह अपने पोते को खिड़की से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गईं।
इसी तरह प्रेमा देवी और रेनू देवी के घरों में जब मलबा और पानी घुसा तो उन्होंने आनन-फानन में दीवार को तोड़ कर पानी को दूसरी तरफ काट दिया, ताकि घर में पानी ना घुसे। सुनील ने बताया कि उसके दो पुत्र रात भर डरे-सहमे रहे। उनका सुबह स्कूल में टेस्ट भी था, लेकिन वह स्कूल भी नहीं जा पाए। चना देवी और हीरा देवी ने बताया कि रात में जब तेज आवाज के साथ पत्थर गिरने की आवाज आई फटाफट घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
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क्षेत्र की आशा देवी (60) ने बताया कि वह देर रात करीब एक बजे पहाड़ से बोल्डर गिरने तथा तेज हवाओं के साथ पानी का बहाव देकर दहशत में आ गईं। जब घरों के अंदर मलबा घुसने लगा तो वह अपने पोते को खिड़की से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गईं।
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इसी तरह प्रेमा देवी और रेनू देवी के घरों में जब मलबा और पानी घुसा तो उन्होंने आनन-फानन में दीवार को तोड़ कर पानी को दूसरी तरफ काट दिया, ताकि घर में पानी ना घुसे। सुनील ने बताया कि उसके दो पुत्र रात भर डरे-सहमे रहे। उनका सुबह स्कूल में टेस्ट भी था, लेकिन वह स्कूल भी नहीं जा पाए। चना देवी और हीरा देवी ने बताया कि रात में जब तेज आवाज के साथ पत्थर गिरने की आवाज आई फटाफट घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
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