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एसपी ट्रैफिक राजीव मोहन का कोरोना से निधन
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हल्द्वानी। 15 दिन से मैक्स अस्पताल दिल्ली में कोरोना से जंग लड़ रहे एसपी ट्रैफिक राजीव मोहन का मंगलवार की शाम निधन हो गया। वह 40 वर्ष के थे। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें दिल्ली ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे।
अल्मोड़ा जिले में ग्राम पंचायत जेठुआ (मासी) के पुराना डांग निवासी राजीव मोहन पुत्र सुरेंद्र सिंह 2009 बैच के पीपीएस अधिकारी थे। 29 दिसंबर को नैनीताल में ड्यूटी के दौरान बुखार आने पर उन्होंने अगले दिन कोरोना का टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दो दिन भर्ती रहने के बावजूद हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें चार जनवरी को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार की शाम इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पत्नी और मां बदहवास
हल्द्वानी। एसपी की हालत गंभीर होने की जानकारी मिलने पर उनकी पत्नी इंदू नैनवाल और मां नंदी देवी की हालत खराब हो गई। पुलिस ने देर रात तक दोनों को उनकी मौत की जानकारी नहीं दी थी। ईसाईनगर के वीरान जंगल स्थित आवास पर शाम के समय दोनों को संभालने के लिए महिला उपनिरीक्षक मंजू ज्याला, उपनिरीक्षक सुमन लखचौरा को तैनात किया गया था। इंदू बाहर निकलकर बार-बार सवाल कर रहीं थीं कि घर के सामने पुलिस क्यों खड़ी है। वह रोती हुईं बार-बार उनकी तबीयत के बारे मेें पूछ रहीं थीं। एसपी राजीव मोहन के पिता सुरेंद्र कुमार उनकी पार्थिव देह को लेने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। मुखानी पुलिस की टीम एसपी के आवास पर देर रात तक मौजूद थी। अपने अच्छे व्यवहार के कारण राजीव मोहन क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। लोगों ने बताया कि एसपी ने 2013 में यहां मकान बनवाया था। 2018 में ईसाईनगर मेें रहने के लिए आए थे।
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साहब उबला खाना खाते थे
हल्द्वानी। एसपी के फॉलोवर संजय सिंह ने बताया कि वह उबली हुई सब्जी खाते थे। मधुमेह के चलते वह तेल और मसालेदार खाने से परहेज करते थे। सादा जीवन जीना उनको पसंद था। ड्यूटी के काफी पक्के थे। हेमंत कांडपाल दो साल से उनकी गाड़ी चलाता था। मौत की जानकारी मिलने पर दोनों कर्मचारी गमगीन हैं।
छह माह से तबादले के लिए लगा रहे थे गुहार
हल्द्वानी। एसपी राजीव मोहन की पदोन्नति पिछले साल सीओ से एएसपी के पद पर हो गई थी। उच्चाधिकारियों से उन्होंने तबादले की कई बार गुहार लगाई थी लेकिन उनका तबादला नहीं हो सका। एसपी यातायात राजीव मोहन ने बीमार होने से पहले बताया था कि रोज चालान निस्तारण का काम करने से वह ऊब गए हैं।
कोरोना काल में नोडल अधिकारी के पद पर काफी दिलेरी के साथ उन्होंने काम किया। तबादले के लिए वह काफी परेशान थे। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के आला अधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन तबादला संभव नहीं हो सका। शासन से जब अधिकारियों के तबादले और तैनाती की सूची जारी होती थी तो वह एक बार प्रयास करते थे। पूर्व एसएसपी सुनील कुमार मीणा कोरोना पॉजिटिव होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। एसएसपी के डिस्चार्ज होते ही राजीव को भी कोरोना हो गया और वह अस्पताल में भर्ती हो गए थे। कभी-कभी वह एसपी सिटी के आफिस में बैठकर अपना काम निबटाते थे। मौत की सूचना मिलने पर निवर्तमान एसएसी सुनील कु्मार मीणा और एसपी सिटी रहे अमित श्रीवास्तव काफी दुखी हैं।
2019 में बने थे अपर पुलिस अधीक्षक
कई राजीव मोहन सात अगस्त 2009 मेें पुलिस उपाधीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। दो जनवरी 2019 को अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर उनकी प्रोन्नति हुई थी। इसके पहले सीओ पद पर पिथौरागढ़ में 2009 से 2013, ऊधमसिंह नगर में नवंबर 2013 से मार्च 2017 तक तैनात थे। सहायक सेनानायक आईआरबी प्रथम में मार्च 2017 से जून 17 तक तैनात रहे। नैनीताल जिले में जून 2017 से एक जनवरी 2019 तक थे। एसएसपी ने उन्हें कोरोना महामारी का नोडल आफिसर भी नियुक्त किया था।
पहली पत्नी से हो गया था तलाक
एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। दूसरी शादी डेढ़ साल पहले इंदू नैनवाल से हुई थी। उनका परिवार ईसाई नगर प्रथम लामाचौड़ स्थित मकान में रहता है।
विभिन्न संगठनों जताया शोक
हल्द्वानी। एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने शोक जताया है। ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत सेठी, महामंत्री प्रदीप सबरवाल, मुकेश खन्ना, पंकज बोहरा, आनंद बिनवाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, महामंत्री तनवीर असगर, हल्द्वानी शाखाध्यक्ष चंद्रशेखर सनवाल, उपाध्यक्ष नवीन जोशी, नीता दीक्षित, नवीन शर्मा, शनिवर्द्धन अधिकारी आदि ने भी शोक जताया है।
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अल्मोड़ा जिले में ग्राम पंचायत जेठुआ (मासी) के पुराना डांग निवासी राजीव मोहन पुत्र सुरेंद्र सिंह 2009 बैच के पीपीएस अधिकारी थे। 29 दिसंबर को नैनीताल में ड्यूटी के दौरान बुखार आने पर उन्होंने अगले दिन कोरोना का टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें एसटीएच में भर्ती कराया गया था। दो दिन भर्ती रहने के बावजूद हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें चार जनवरी को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार की शाम इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
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पत्नी और मां बदहवास
हल्द्वानी। एसपी की हालत गंभीर होने की जानकारी मिलने पर उनकी पत्नी इंदू नैनवाल और मां नंदी देवी की हालत खराब हो गई। पुलिस ने देर रात तक दोनों को उनकी मौत की जानकारी नहीं दी थी। ईसाईनगर के वीरान जंगल स्थित आवास पर शाम के समय दोनों को संभालने के लिए महिला उपनिरीक्षक मंजू ज्याला, उपनिरीक्षक सुमन लखचौरा को तैनात किया गया था। इंदू बाहर निकलकर बार-बार सवाल कर रहीं थीं कि घर के सामने पुलिस क्यों खड़ी है। वह रोती हुईं बार-बार उनकी तबीयत के बारे मेें पूछ रहीं थीं। एसपी राजीव मोहन के पिता सुरेंद्र कुमार उनकी पार्थिव देह को लेने के लिए दिल्ली गए हुए हैं। मुखानी पुलिस की टीम एसपी के आवास पर देर रात तक मौजूद थी। अपने अच्छे व्यवहार के कारण राजीव मोहन क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। लोगों ने बताया कि एसपी ने 2013 में यहां मकान बनवाया था। 2018 में ईसाईनगर मेें रहने के लिए आए थे।
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साहब उबला खाना खाते थे
हल्द्वानी। एसपी के फॉलोवर संजय सिंह ने बताया कि वह उबली हुई सब्जी खाते थे। मधुमेह के चलते वह तेल और मसालेदार खाने से परहेज करते थे। सादा जीवन जीना उनको पसंद था। ड्यूटी के काफी पक्के थे। हेमंत कांडपाल दो साल से उनकी गाड़ी चलाता था। मौत की जानकारी मिलने पर दोनों कर्मचारी गमगीन हैं।
छह माह से तबादले के लिए लगा रहे थे गुहार
हल्द्वानी। एसपी राजीव मोहन की पदोन्नति पिछले साल सीओ से एएसपी के पद पर हो गई थी। उच्चाधिकारियों से उन्होंने तबादले की कई बार गुहार लगाई थी लेकिन उनका तबादला नहीं हो सका। एसपी यातायात राजीव मोहन ने बीमार होने से पहले बताया था कि रोज चालान निस्तारण का काम करने से वह ऊब गए हैं।
कोरोना काल में नोडल अधिकारी के पद पर काफी दिलेरी के साथ उन्होंने काम किया। तबादले के लिए वह काफी परेशान थे। उन्होंने इस मामले में प्रदेश के आला अधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन तबादला संभव नहीं हो सका। शासन से जब अधिकारियों के तबादले और तैनाती की सूची जारी होती थी तो वह एक बार प्रयास करते थे। पूर्व एसएसपी सुनील कुमार मीणा कोरोना पॉजिटिव होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। एसएसपी के डिस्चार्ज होते ही राजीव को भी कोरोना हो गया और वह अस्पताल में भर्ती हो गए थे। कभी-कभी वह एसपी सिटी के आफिस में बैठकर अपना काम निबटाते थे। मौत की सूचना मिलने पर निवर्तमान एसएसी सुनील कु्मार मीणा और एसपी सिटी रहे अमित श्रीवास्तव काफी दुखी हैं।
2019 में बने थे अपर पुलिस अधीक्षक
कई राजीव मोहन सात अगस्त 2009 मेें पुलिस उपाधीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। दो जनवरी 2019 को अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर उनकी प्रोन्नति हुई थी। इसके पहले सीओ पद पर पिथौरागढ़ में 2009 से 2013, ऊधमसिंह नगर में नवंबर 2013 से मार्च 2017 तक तैनात थे। सहायक सेनानायक आईआरबी प्रथम में मार्च 2017 से जून 17 तक तैनात रहे। नैनीताल जिले में जून 2017 से एक जनवरी 2019 तक थे। एसएसपी ने उन्हें कोरोना महामारी का नोडल आफिसर भी नियुक्त किया था।
पहली पत्नी से हो गया था तलाक
एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। पहली पत्नी से दो बच्चे हैं। दूसरी शादी डेढ़ साल पहले इंदू नैनवाल से हुई थी। उनका परिवार ईसाई नगर प्रथम लामाचौड़ स्थित मकान में रहता है।
विभिन्न संगठनों जताया शोक
हल्द्वानी। एसपी (ट्रैफिक) राजीव मोहन के निधन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने शोक जताया है। ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत सेठी, महामंत्री प्रदीप सबरवाल, मुकेश खन्ना, पंकज बोहरा, आनंद बिनवाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, महामंत्री तनवीर असगर, हल्द्वानी शाखाध्यक्ष चंद्रशेखर सनवाल, उपाध्यक्ष नवीन जोशी, नीता दीक्षित, नवीन शर्मा, शनिवर्द्धन अधिकारी आदि ने भी शोक जताया है।