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तो ऐसे साकार होगा डिजिटल इंडिया का सपना
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:33 AM IST
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प्रधानमंत्री देश को डिजिटल इंडिया का सपना दिखा रहे हैं। डिजिटल इंडिया के तहत ग्राम पंचायतों के डिजिटलाइजेशन की बात हो रही है। कुमाऊं के तीन जिले ऐसे हैं जहां बीएसएनएल के टावर नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री का डिजिटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा।
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मोबाइल कंपनियों में सुविधाएं देने के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है। निजी कंपनियां बेहतर सुविधाएं देकर अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ने में लगी हुई हैं। सरकारी उपक्रम में सबसे बड़ी संचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड इसमें फिसड्डी साबित हो रहा है।
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नैनीताल, ऊधमसिंह नगर की लगभग 713 ग्राम पंचायतों का डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटलाइजेशन होना है। सवाल उठता है कि मोबाइल टावर न होने पर यह कैसे संभव होगा। नैनीताल जिले में सबसे अधिक 72, ऊधमसिंह नगर के 23 और चंपावत के तीन स्थानों पर अभी तक टावर नहीं है। ओखलकांडा ब्लाॅक के कई गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल आज भी खिलौना बने हुए हैं।
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सूत्रों की मानें तो टावर लगाने का काम भारत संचार निगम लिमिटेड की इकाई यूएसओ (यूनिवर्सल सर्विस ओबलीगेशन) करती है। भारत संचार निगम लिमिटेड के एजीएम एलएम जोशी ने बताया कि 98 स्थानों पर टावर की सूची बनाई गई है। सूची देहरादून भेजी जाएगी। देहरादून से सूची को भारत संचार निगम लिमिटेड के पास भेजा जाएगा।