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Nainital News: छोटी-छोटी बातों से रिश्तों में पड़ रहीं दरारें
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हल्द्वानी। छोटी-छोटी बातों से रिश्तों में बड़ी दरारें पड़ रही हैं। कहीं मोबाइल दंपती के बीच तकरार की वजह बन रहा है तो कहीं खाना बनाने के लिए विवाद हो रहा है। रिश्तों के बीच में किसी तीसरे के आने के साथ ही नशा भी संबंधों को खोखला कर रहा है। महिला सेल में बीते छह माह में ही दरकते रिश्तों के 500 मामले सामने आए। इन आवेदनों को प्राथमिकता के साथ महिला सेल ने निपटाया।
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बीवी छोड़ने के तैयार नहीं, पति काे नशा छोड़ नहीं रहा
रामनगर की महिला के दो बच्चे हैं। सब कुछ सही था कि मजदूर पति को नशे की लत लग गई। वह नशीले पदार्थ की तस्करी तक करने लगा। जेल भी गया और छूटा तो नशा के जाल में और फंस गया। दो माह पहले बीवी ने बच्चों की पढ़ाई और खर्च के लिए महिला सेल में प्रार्थना पत्र दिया। पति को बुलाया गया। सबने कहा तलाक ले लो...लेकिन बीवी ने मना कर दिया। बोली तलाक नहीं खर्च चाहिए। पति को पुलिस ने समझाया लेकिन वह नशा नहीं छोड़ पा रहा है।
280 मामले निस्तारित, अब होगा तलाक या मुकदमा
500 मामलों में कई मामले सुलह समझौता से नहीं निपटे। इन मामलों में अब तलाक होगा या न्यायालय से खर्चे पर फैसला होगा। इसमें पति-पत्नी को बुलाकर उनकी काउंसलिंग भी हो रही है। हालांकि इन्हीं में 36 मामले गंभीर थे जिन्हें न्यायालय भेजा गया। 14 मामलों में विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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टूटते 170 परिवारों को फिर मिलाया
महिला सेल प्रभारी सुनीता कुंवर ने बताया कि जनवरी से अब तक आए 500 मामलों में से 170 परिवारों को फिर से एक किया गया। इन परिवारों में आपसी विवाद के कारणों को तलाशा गया। पति-पत्नी के साथ कई दौर की काउंसलिंग की गई। पति-पत्नी ने विवादों का पटाक्षेप करते हुए फिर से एक साथ रहने की हामी भरी थी। कोशिश रहती है कि मामलों का निस्तारण कर परिवारों को एक किया जाए।
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बीवी छोड़ने के तैयार नहीं, पति काे नशा छोड़ नहीं रहा
रामनगर की महिला के दो बच्चे हैं। सब कुछ सही था कि मजदूर पति को नशे की लत लग गई। वह नशीले पदार्थ की तस्करी तक करने लगा। जेल भी गया और छूटा तो नशा के जाल में और फंस गया। दो माह पहले बीवी ने बच्चों की पढ़ाई और खर्च के लिए महिला सेल में प्रार्थना पत्र दिया। पति को बुलाया गया। सबने कहा तलाक ले लो...लेकिन बीवी ने मना कर दिया। बोली तलाक नहीं खर्च चाहिए। पति को पुलिस ने समझाया लेकिन वह नशा नहीं छोड़ पा रहा है।
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280 मामले निस्तारित, अब होगा तलाक या मुकदमा
500 मामलों में कई मामले सुलह समझौता से नहीं निपटे। इन मामलों में अब तलाक होगा या न्यायालय से खर्चे पर फैसला होगा। इसमें पति-पत्नी को बुलाकर उनकी काउंसलिंग भी हो रही है। हालांकि इन्हीं में 36 मामले गंभीर थे जिन्हें न्यायालय भेजा गया। 14 मामलों में विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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टूटते 170 परिवारों को फिर मिलाया
महिला सेल प्रभारी सुनीता कुंवर ने बताया कि जनवरी से अब तक आए 500 मामलों में से 170 परिवारों को फिर से एक किया गया। इन परिवारों में आपसी विवाद के कारणों को तलाशा गया। पति-पत्नी के साथ कई दौर की काउंसलिंग की गई। पति-पत्नी ने विवादों का पटाक्षेप करते हुए फिर से एक साथ रहने की हामी भरी थी। कोशिश रहती है कि मामलों का निस्तारण कर परिवारों को एक किया जाए।