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विद्यार्थियों की पसंद दरकिनार चयनित पाठ्यक्रम में ही करना होगा कौशल विकास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2022 09:00 AM IST
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Skill development will have to be done in the selected course, bypassing the choice of students
हल्द्वानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्नातक स्तर पर छात्र-छात्राओं को कौशल विकास का भी अवसर दिया गया है, लेकिन सीमित संसाधनों की वजह से उन्हें अपने मनपसंद पाठ्यक्रम चुनने का अवसर मिलना मुश्किल है, क्योंकि महाविद्यालय स्तर पर जिस संवर्ग के लिए जो पाठ्यक्रम चयनित कर दिए हैं, उन्हें उसी में पढ़ना होगा। यही व्यवस्था हल्द्वानी के एमबीपीजी की भी है। ऐसे में दूरस्थ महाविद्यालयों का अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
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शिक्षा की नई नीति लागू तो हो गई, लेकिन इसके क्रियान्वयन में अब भी कई खामिया सामने आ रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में फाइनेंशियल लिट्रेसी, एनालिटिकल केमिस्ट्री, उत्तराखंड के इतिहास को कौशल विकास कोर्स के तौर पर शामिल किया गया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, बीए के विद्यार्थी उत्तराखंड का इतिहास, बीकॉम के फाइनेंशियल लिट्रेसी और बीएससी के विद्यार्थी एनालिटिकल केमिस्ट्री पढ़ रहे हैं।
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विद्यार्थी अपने हिसाब से स्किल कोर्स का चुनाव नहीं कर पाए हैं जबकि नई शिक्षा नीति में स्पष्ट तौर पर छात्र-छात्राओं को विषय चुनने की आजादी दी गई है। विद्यार्थी अपने मन मुताबिक विषयों का चुनाव कर उन्हें पढ़ सकते हैं। स्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं यही स्किल कोर्स पढ़ने होंगे। वह अपने हिसाब से पसंदीदा कोर्स का चुनाव नहीं कर पाएंगे। बीएससी और बीकॉम का विद्यार्थी उत्तराखंड का इतिहास नहीं पढ़ सकता है। एमबीपीजी में इस बार कला संकाय में 2314, विज्ञान में 771, वाणिज्य में 829 प्रवेश हुए हैं।
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स्नातक प्रथम सेमेस्टर के स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले चुके अनुराग सिंह, शैजल, मुनीबा, समी कुरैशी, मोहम्मद अजहर, समीर अलवी, चेतन भट्ट, ईशा बिष्ट और अजय भट्ट का कहना है कि सीमित पाठ्यक्रमों की बाध्यता सही नहीं है जबकि कौशल विकास के लिए छात्र-छात्राओं की पसंद को तरजीह दी जानी चाहिए।

प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी का कहना है कि स्नातक प्रथम सेमेस्टर में स्किल कोर्स के तौर पर फाइनेंशियल लिट्रेसी, एनालिटिकल केमिस्ट्री, उत्तराखंड के इतिहास को शामिल किया गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों की सूची भेज दी गई है। बीए के विद्यार्थियों के लिए उत्तराखंड का इतिहास, बीकॉम के लिए फाइनेंशियल लिट्रेसी और बीएससी के लिए एनालिटिकल केमिस्ट्री को शामिल किया गया है। प्रथम सेमेस्टर में यही कौशल विकास कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
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