{"_id":"9c2c73b3b31e3ecf1d37172fa9cd6d06","slug":"shake-camp-comments-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संघर्षों से हुआ है कांग्रेस का जन्म : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संघर्षों से हुआ है कांग्रेस का जन्म : सीएम
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 21 Jan 2015 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस को फिर से ऊंचाईयों तक पहुंचाने, कार्यकर्ताओं की परेशानी समझने, लोगों के बीच पार्टी की छवि बदलने और कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वालों की काट ढूंढने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी राय रखी।
विज्ञापन
प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, प्रदेश सह प्रभारी संजय कपूर, मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य की मौजूदगी में मंथन शिविर में आठ समूह के लोगों ने अपनी राय दी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाले लोग देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का जन्म संघर्षों से हुआ है। कांग्रेस ने 1977 भी देखा था और फिर उबरकर खुद को स्थापित किया था। मंथन शिविर के पहले दिन आठ समूहों ने अपनी राय रखी। प्रत्येक समूह में 31 लोग थे।
विज्ञापन
इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता विधायक ललित फर्स्वाण, मनोज तिवारी, पूर्व विधायक रंजीत रावत, प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया, संजीव आर्य, ब्लाक प्रमुख भोलादत्त भट्ट, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, शहर अध्यक्ष हरीश सिंह मेहता, हेमंत बगड्वाल, इकबाल भारती, खजान पांडे, राजेंद्र सुयाल, राजेंद्र बिष्ट, ललित जोशी, हरेंद्र बोरा, महेश शर्मा, केदार पलड़िया, राहुल छिम्वाल, राजेंद्र नेगी, सुष्मिता पंत, दया सनवाल, जया कर्नाटक, मंजू सांगुड़ी, जया बिष्ट रत्ना श्रीवास्तव, राजो टंडन, गुरप्रीत सिंह प्रिंस, रामसिंह कैड़ा, नंदन सिंह चौहान, बलबीर रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, उमेश कबड्वाल, संजय किरौला, तारादत्त पांडे आदि थे।
विज्ञापन
ये दिए सुझाव
= मंत्री और विधायक गांवों को गोद लें।
= सरकार के काम का हो प्रचार-प्रसार।
= आईटी के कार्यकर्ता ब्लाक, जिला और राज्य स्तर पर नियुक्त हों और योजनाओं का प्रचार करें।
= सरकार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जाए।
= मुख्यमंत्री की तर्ज पर मंत्री भी काम करें।
= मंथन शिविर का ब्लाक स्तर पर आयोजन हो और प्रदेश नेतृत्व मौजूद रहे।
= सरकार और संगठन समन्वय स्थापित करें।
= कार्यकर्ताओं के साथ ही लोगों के काम प्राथमिकता के साथ हों।
= सेवादल, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई समेत फ्रंटल संगठनों को मजबूत किया जाए।