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सीवर लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 03 Feb 2015 02:27 AM IST
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बाईपास स्थित गौला रौखड़ में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की अमर उजाला की मुहिम आखिरकार रंग लाई। हल्द्वानी में नए सिरे से सीवर लाइन बिछाने और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है। शहरी क्षेत्र में 140 करोड़ की लागत से सीवर लाइन डाली जाएगी और 50 करोड़ से ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। देहरादून में सीवर प्रोजेक्ट के लिए उच्च स्तरीय बैठक के बाद हल्द्वानी लौटी वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने यह जानकारी दी।
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हल्द्वानी शहरी क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में सीवर लाइन नहीं है। जिन जगहों पर लाइन पड़ी भी है, वहां का सीवर इंद्रानगर गेट के पास जंगलात की भूमि पर खुले में छोड़ा जाता है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं होने से सीवर गौला में गिरता है। अमर उजाला ने पांच जनवरी के अंक में जंगलात की भूमि पर खुले में सीवर छोड़े जाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की।
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जिस पर अमल करते जंगलात ने सीवर जंगलात की आरक्षित भूमि पर छोड़ने के लिए जलसंस्थान और जलनिगम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वित्तमंत्री एवं स्थानीय विधायक डा. इंदिरा हृदयेश ने इसे गंभीरता से लेते हुए देहरादून में उच्चस्तरीय कमेटी में सीवर प्रोजेक्ट पर वार्ता कर इसके लिए धनराशि स्वीकृत करा दी है। वित्तमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी महानगर का रूप ले चुका है।
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आबादी हर दिन बढ़ रही है और सीवरेज की बड़ी समस्या है। वित्तमंत्री के मुताबिक शहरी क्षेत्र के सभी इलाकों में सीवर लाइन डाली जाएगी। इसके लिए 140 करोड़ रुपए की धनराशि मिल चुकी है। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भी 50 करोड़ जारी हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्लांट में सीवर का परिशोधन कर खाद बनाई जाएगी। डा. हृदयेश के मुताबिक नई सीवर लाइन बिछाने के लिए एडीबी फरवरी तक डीपीआर तैयार कर लेगा।
सीवरेज प्रोजेक्ट का मार्च में शिलान्यास होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि सीवरेज व्यवस्था का कार्य 2018-19 में प्रस्तावित था लेकिन यह विकट समस्या बन रहा है, इस कारण इसे प्राथमिकता से अभी लागू किया गया है। प्रोजेक्ट का दायित्व अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव पेयजल एस राजू, एडीबी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रसाद राज, सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल को सौंपा गया है। प्रोजेक्ट के अनुश्रवण का कार्य जिलाधिकारी दीपक रावत करेंगे।