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अंजाम तक पहुंचाने पर ही होगा बंद होगी मुहिम

Fri, 15 Jul 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चोरगलिया (नैनीताल)।
ब्यूरो/अमर उजाला, चोरगलिया (नैनीताल)। Updated Fri, 15 Jul 2016 11:48 PM IST
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Reaching consequences on the campaign will be closed
नामांतरण - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला द्वारा चलाई जा रही नाम परिवर्तन की मुहिम को क्षेत्र के युवाओं ने अंजाम तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। युवाओं का कहना है कि वह क्षेत्र से बाहर रहते हैं तो उनका उपहास किया जाता है। उन्हें चोरों के इलाके से आने जैसे विशेषणों से पुकारा जाता है। तब उन्हें स्वयं को चोरगलिया का कहलाने में शर्म महसूस होती है। जानबूझकर इलाके का नाम नैनीताल या हल्द्वानी कहते हैं। 
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मुहिम को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाते हुए युवाओं ने शुक्रवार को लाउड स्पीकर से गांव-गांव में घूमकर शनिवार 16 जुलाई को महापंचायत किए जाने का ऐलान किया और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने का अनुरोध किया। लोगों से क्षेत्र के नामकरण को लेकर कोई सुंदर नाम का सुझाव देने का भी आह्वान किया गया। 
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चोरगलिया नाम सुनने में अजीब तो लगता ही है। यह नाम सुनने के बाद लोग इस तरह मजाक बनाते हैं कि ये महाशय तो चोरों की गलियों से आये हैं, तब दिल को टीस पहुंचती है। 
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- पंकज बजेठा, छात्र 

क्षेत्र का नाम बाहरी लोगों के सामने बोलने में शर्म सी महसूस होती है। बाहरी लोगों को हल्द्वानी नाम बताते हैं चोरगलिया नहीं। जानबूझकर अपने क्षेत्र का नाम छिपाना पड़ता है।
- तनुज चौसाली, छात्र

बाहरी लोगों को चोरगलिया का नाम चुभता है और क्षेत्र के नाम की लोग मजाक बनाते हैं। जिससे देखकर लगता है यदि हमारे क्षेत्र का नाम चोरगलिया नहीं होता तो शायद हमें शर्मिंदगी नहीं होती।
- योगेश आर्या, अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा विकास समिति 
फोेटो
चोरगलिया नाम सुनते ही क्षेत्र की नकारात्मक छवि बनती है। लोग क्षेत्र का नाम सुनने के बाद उसके लिए अलग तरीके से सोचने लगते हैं। इसे बदलना जरूरी है। 

- रमेश वारियाल छात्र। 

संचार क्रांति के इस दौर में अब युवाओं को चोरगलिया नाम कतई नहीं भाता है। युवक चाहते हैं कि क्षेत्र का आकर्षक और सुंदर नाम होना चाहिए।  
- मुकेश थुवाल स्थानीय युवा

नाम बदलने को श्रम मंत्री ने दिए सुझाव
श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का भी मानना है कि क्षेत्र का नाम चोरगलिया नहीं होना चाहिए। क्षेत्र में तमाम विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। सुंदर पर्यटक स्थल है। मेरी राय में क्षेत्र का नाम शास्त्री नगर लाखनमंडी अथवा बापू ग्राम लाखनमंडी होना चाहिए। इस मुहिम की पत्रावली शासन में जल्द पेश की जानी चाहिए ताकि कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लाकर नामांतरण का गजट नोटिफिकेशन की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से भी इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। 
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