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रामपुर रोड : बेअंदाज वाहनों पर पुलिस का नियंत्रण नहीं
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हल्द्वानी। रामपुर रोड हादसों के लिए संवेदनशील होता जा रही है। तेज दौड़ते वाहनों पर पुलिस का नियंत्रण नहीं है। ओवरस्पीड पर चालान की कोई व्यवस्था नहीं है, न ही निगाह रखने के लिए कैमरे हैं। एसटीएच से लेकर बेल बाबा मंदिर तक करीब सात किलोमीटर दूरी के एक बड़े हिस्से में स्ट्रीट लाइट न होने से रात का समय और कठिन होता है। रेडियम प्लेट और संकेतक का अभाव भी हादसों का ग्राफ बढ़ा रहा है।
इस मार्ग पर दिन में ही वाहन 80 से ज्यादा स्पीड से दौड़ते हैं। सूर्य छिपने के बाद तो गति 100 पार हो जाती है। जिम्मेदार ओवरस्पीड पर चालान का दावा तो करते हैं लेकिन इस मार्ग पर सारे दावे फेल हैं। रात में सड़क किनारे खड़े वाहन मौत का सबब बनते हैं, लेकिन इन पर किसी की नजर नहीं है। सोमवार रात करीब एक बजे मंगलपड़ाव के शिव मंदिर निवासी नव प्रभात सक्सेना की बाइक में पहले किसी वाहन ने टक्कर मारी। इसके बाद बाइक आगे एक ट्रक में घुस गई। हेलमेट ने सिर बचा लिया, लेकिन शरीर के कई अंगों पर गहरी चोट लग गई। सड़क पर गिरकर वह तड़पते रहे। उधर से गुजरे रहे कार सवार दो लोगों ने उन्हें अपनी कार से एसटीएच पहुंचाया। जिस ट्रक में नव प्रभात घुसे, उसके पीछे रेडियम नहीं था, न कोई लाइट जल रही थी।
सड़क किनारे वाहन खड़ा कर बांट रहे मौत
खराब होने पर डंपर और बड़े वाहन सड़क किनारे कर देना भी खतरनाक साबित हो रहा है। इस मार्ग पर कई शोरूम होने के कारण रात में ही डिलीवरी वाहन आते हैं। उन्हें चालक सड़क किनारे खड़ा करके इंतजार में इधर-उधर चले जाते हैं। उनकी लाइट भी जली नहीं छोड़ते तेज स्पीड से आने दूसरे वाहनों के सामने ये अचानक सामने आते हैं तो अपना वाहन रोकते-रोकते भी उनसे टकरा जाते हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से रात को बिना बत्ती वाले वाहन दिखाई नहीं देते और दूसरे वाहन उनसे टकरा जाते हैं।
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इस मार्ग पर दिन में ही वाहन 80 से ज्यादा स्पीड से दौड़ते हैं। सूर्य छिपने के बाद तो गति 100 पार हो जाती है। जिम्मेदार ओवरस्पीड पर चालान का दावा तो करते हैं लेकिन इस मार्ग पर सारे दावे फेल हैं। रात में सड़क किनारे खड़े वाहन मौत का सबब बनते हैं, लेकिन इन पर किसी की नजर नहीं है। सोमवार रात करीब एक बजे मंगलपड़ाव के शिव मंदिर निवासी नव प्रभात सक्सेना की बाइक में पहले किसी वाहन ने टक्कर मारी। इसके बाद बाइक आगे एक ट्रक में घुस गई। हेलमेट ने सिर बचा लिया, लेकिन शरीर के कई अंगों पर गहरी चोट लग गई। सड़क पर गिरकर वह तड़पते रहे। उधर से गुजरे रहे कार सवार दो लोगों ने उन्हें अपनी कार से एसटीएच पहुंचाया। जिस ट्रक में नव प्रभात घुसे, उसके पीछे रेडियम नहीं था, न कोई लाइट जल रही थी।
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सड़क किनारे वाहन खड़ा कर बांट रहे मौत
खराब होने पर डंपर और बड़े वाहन सड़क किनारे कर देना भी खतरनाक साबित हो रहा है। इस मार्ग पर कई शोरूम होने के कारण रात में ही डिलीवरी वाहन आते हैं। उन्हें चालक सड़क किनारे खड़ा करके इंतजार में इधर-उधर चले जाते हैं। उनकी लाइट भी जली नहीं छोड़ते तेज स्पीड से आने दूसरे वाहनों के सामने ये अचानक सामने आते हैं तो अपना वाहन रोकते-रोकते भी उनसे टकरा जाते हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से रात को बिना बत्ती वाले वाहन दिखाई नहीं देते और दूसरे वाहन उनसे टकरा जाते हैं।
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