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ध्यानार्थ ::: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पोर्टल खुला, पंजीकरण शुरू
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प्रतीकात्मक।
नैनीताल। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय ने पोर्टल खोल दिया है। अब यात्रा का पंजीकरण शुरू हो गया है। पहला जत्था 30 जून 2025 को दिल्ली से रवाना होगा।
कुमाऊं मंडल विकास निगम लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रबंध करता है। शनिवार से पंजीकरण के लिए विदेश मंत्रालय ने पोर्टल खोल दिया है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण, भोजन, आने-जाने और ठहरने के लिए केएमवीएन को 56,000 रुपये देने होंगे। इसके लिए निगम ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हाट कालिका मंदिर होगा नया पड़ाव
पहला जत्था दिल्ली से 30 जून, दूसरा चार जुलाई, तीसरा आठ जुलाई, 31 जुलाई और अंतिम जत्था दिल्ली से चार अगस्त को रवाना होगा। यात्रा का पहला पड़ाव टनकपुर होगा। यहां से रात्रि विश्राम के बाद धारचूला जाएगा। यहां दो दिन यात्री ठहरेंगे। अगले पड़ाव पर नाभीढांग में श्रद्धालु दो दिन और विश्राम करेंगे। इसके बाद लिपुलेख दर्रे से श्रद्धालु तकलाकोट जाएंगे। वापसी में बूंदी, चौकोड़ी, गंगालीहाट, हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, अल्मोड़ा, जागेश्वर, गोलज्यू मंदिर चितई, भीमताल और कैंचीधाम में दर्शन करेंगे। यहां से यात्रा काठगोदाम होते हुए दिल्ली जाएगी। इसमें हाट कालिका मंदिर नया पड़ाव जोड़ा गया है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए पोर्टल खुल गया है। निगम की ओर से यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - विनीत तोमर, प्रबंध निदेशक, केएमवीएन
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कुमाऊं मंडल विकास निगम लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा का प्रबंध करता है। शनिवार से पंजीकरण के लिए विदेश मंत्रालय ने पोर्टल खोल दिया है। श्रद्धालुओं को पंजीकरण, भोजन, आने-जाने और ठहरने के लिए केएमवीएन को 56,000 रुपये देने होंगे। इसके लिए निगम ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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हाट कालिका मंदिर होगा नया पड़ाव
पहला जत्था दिल्ली से 30 जून, दूसरा चार जुलाई, तीसरा आठ जुलाई, 31 जुलाई और अंतिम जत्था दिल्ली से चार अगस्त को रवाना होगा। यात्रा का पहला पड़ाव टनकपुर होगा। यहां से रात्रि विश्राम के बाद धारचूला जाएगा। यहां दो दिन यात्री ठहरेंगे। अगले पड़ाव पर नाभीढांग में श्रद्धालु दो दिन और विश्राम करेंगे। इसके बाद लिपुलेख दर्रे से श्रद्धालु तकलाकोट जाएंगे। वापसी में बूंदी, चौकोड़ी, गंगालीहाट, हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, अल्मोड़ा, जागेश्वर, गोलज्यू मंदिर चितई, भीमताल और कैंचीधाम में दर्शन करेंगे। यहां से यात्रा काठगोदाम होते हुए दिल्ली जाएगी। इसमें हाट कालिका मंदिर नया पड़ाव जोड़ा गया है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए पोर्टल खुल गया है। निगम की ओर से यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - विनीत तोमर, प्रबंध निदेशक, केएमवीएन