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पिथौरागढ़ के जवान की नागालैंड में मौत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:18 AM IST
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नागा रेजीमेंट जवान की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। नागालैंड में तैनात असम राइफल्स के जवान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बटालियन के जवान शनिवार को शव लेकर घर आए तो कोहराम मच गया। फोर्स के जवानों ने चित्रशिला घाट पर सैनिक को अंतिम सलामी दी। गमगीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
दमुवाढूंगा हरिपुर गांगू निवासी राजेंद्र प्रसाद टम्टा (48) असम राइफल्स में वारंट आफिसर के पद पर थे। नागालैंड में तैनाती के दौरान 20 अप्रैल को वारंट आफिसर बाथरूम में अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल में डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। बटालियन के जवान और अधिकारी राजेंद्र के शव को हेलीकाप्टर से दिल्ली आए। यहां से सड़क मार्ग द्वारा शव सुबह घर लाया गया।
शव को देखते ही पत्नी चंपा देवी और परिजन रोने लगे। बेटियों का रोते रोते बुरा हाल हो गया था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने दो माह पहले अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी। राजेंद्र की एक बेटी इंटर और दूसरी छठवीं क्लास में पढ़ती है। फौजी का परिवार मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के ड्यून हड़ाकोट सहज गंगोली का रहने वाला है। हादसे की जानकारी मिलने पर मेजर प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एसएससी की फोर्स घर पहुंची। शव को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर लाया गया। यहां जवानों ने वारंट आफिसर को अंतिम सलामी दी। घाट पर गमगीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
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दमुवाढूंगा हरिपुर गांगू निवासी राजेंद्र प्रसाद टम्टा (48) असम राइफल्स में वारंट आफिसर के पद पर थे। नागालैंड में तैनाती के दौरान 20 अप्रैल को वारंट आफिसर बाथरूम में अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। अस्पताल में डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। बटालियन के जवान और अधिकारी राजेंद्र के शव को हेलीकाप्टर से दिल्ली आए। यहां से सड़क मार्ग द्वारा शव सुबह घर लाया गया।
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शव को देखते ही पत्नी चंपा देवी और परिजन रोने लगे। बेटियों का रोते रोते बुरा हाल हो गया था। परिजनों ने बताया कि उन्होंने दो माह पहले अपनी बड़ी बेटी की शादी की थी। राजेंद्र की एक बेटी इंटर और दूसरी छठवीं क्लास में पढ़ती है। फौजी का परिवार मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले के ड्यून हड़ाकोट सहज गंगोली का रहने वाला है। हादसे की जानकारी मिलने पर मेजर प्रीतम सिंह के नेतृत्व में एसएससी की फोर्स घर पहुंची। शव को रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर लाया गया। यहां जवानों ने वारंट आफिसर को अंतिम सलामी दी। घाट पर गमगीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
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