फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   pahadee topi

ड्रेस कोड में पहाड़ी टोपी को शामिल करने को लेकर हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं का अभियान शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 02:21 AM IST
विज्ञापन
pahadee topi
ड्रेस कोड में पहाड़ी टोपी के लिए अधिवक्ताओं का अभियान शुरू
विज्ञापन

जनजागरण कर रहे, मुख्य न्यायाधीश और बार काउंसिल को प्रत्यावेदन भी देंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
नैनीताल। हाईकोर्ट सहित प्रदेश के न्यायालयों में निर्धारित ड्रेस कोड में पहाड़ी टोपी को शामिल करने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने जनजागरण अभियान शुरू कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं और समाज के समक्ष संस्कृति संरक्षण के लिए परिस्थतियां चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं। इसलिए पहाड़ी संस्कृति की परिचायक टोपी के माध्यम से जनजागरण की शुरुआत की है। अधिवक्ता इस संबंध में शीघ्र ही हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और बार काउंसिल के समक्ष प्रत्यावेदन देंगे।

अभियान के संयोजक हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एमसी पंत ने बताया कि इस जनजागरण अभियान में अधिवक्ताओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अवतार सिंह रावत, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र सिंह पाल, ललित बेलवाल, एसके जैन, विवेक शुक्ला, कमलेश तिवारी, भुवनेश जोशी, सुंदर सिंह भंडारी, उत्तम सिंह भाकुनी, प्रेम कौशल, योगेश पचौलिया, नंदन सिंह कन्याल, मोहम्मद उमर, डॉक्टर कार्तिकेय हरि गुप्ता, त्रिलोचन पांडे, आदि इस अभियान को आगे बढ़ रहे हैं। पंत ने बताया कि यह टोपी स्वतंत्रता आंदोलन के समय पं. बद्रीदत्त पांडे के नेतृत्व में हुए कुली बेगार आंदोलन की शान रही है। यह उत्तराखंड की पहचान भी है। इसलिए टोपी को व्यापक मान्यता दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब हाईकोर्ट में वहां की परंपरागत टोपी और पगड़ी एवं दक्षिण भारत के उच्च न्यायालयों में वहां के परंपरागत परिधान पहनने की अनुमति है। इसलिए उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी पहाड़ी टोपी पहनने की अनुमति मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed