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राजाजी पार्क भेजने के लिए एक बाघिन पकड़ी, कॉर्बेट से तीन बाघिन और दो बाघ भेजे जाने हैं राजाजी पार्क
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रामनगर के कॉर्बेट पार्क के बिजरानी जोन से पकड़ी गई बाघिन, जिसको राजाजी पार्क भेजा जाएगा।
- फोटो : RAMNAGAR
रामनगर (नैनीताल)। राजाजी टाइगर रिजर्व में पांच बाघों को भेजने की कवायद कॉर्बेट पार्क में शुरू हो गई है। इसी के तहत बुधवार को बिजरानी रेंज से एक बाघिन को पकड़ लिया गया है, जिसे बृहस्पतिवार को राजाजी पार्क में भेजा जाएगा। कॉर्बेट पार्क से तीन बाघिन और दो बाघों को भेजा जाएगा। इसके लिए हरिद्वार टाइगर रिजर्व एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून से एक टीम भी कार्बेट पार्क पहुंच गई है।
बुधवार को कॉर्बेट पार्क के बिजरानी रेंज में एक बाघिन को हरिद्वार टाइगर रिजर्व, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून एवं पशु चिकित्सक की टीम ने पकड़ा है, जिसे फिलहाल पिंजरे में रखा गया है। दरअसल, हरिद्वार के राजाजी नेशनल पार्क में 550 वर्ग किलोमीटर मेें मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में सात साल से दो ही बाघिन हैं। पार्क के बीच में रेल लाइन और हाईवे होने की वजह से दूसरे क्षेत्र से बाघ वहां तक नहीं आ पाते हैं। ऐसे में मोतीचूर में बाघों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है।
वर्ष 2016 में मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अच्छे घनत्व वाले कॉर्बेट लैंडस्केप से बाघ शिफ्ट करने की योजना बनी थी। 2017 में इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से स्वीकृति मिली थी। इसी के तहत कार्बेट के ढिकाला जोन में एक वयस्क स्वस्थ बाघ चिह्नित किया गया है। सीटीआर के पशु चिकित्सक दुष्यंत कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ बाघ की तलाश कर रहे हैं। इधर, सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि एक बाघिन को पकड़ा गया है, जिसे राजाजी पार्क भेजा जाएगा। बताया कि अन्य बाघों को भी पकड़कर राजाजी पार्क भेजेंगे।
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बुधवार को कॉर्बेट पार्क के बिजरानी रेंज में एक बाघिन को हरिद्वार टाइगर रिजर्व, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून एवं पशु चिकित्सक की टीम ने पकड़ा है, जिसे फिलहाल पिंजरे में रखा गया है। दरअसल, हरिद्वार के राजाजी नेशनल पार्क में 550 वर्ग किलोमीटर मेें मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में सात साल से दो ही बाघिन हैं। पार्क के बीच में रेल लाइन और हाईवे होने की वजह से दूसरे क्षेत्र से बाघ वहां तक नहीं आ पाते हैं। ऐसे में मोतीचूर में बाघों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है।
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वर्ष 2016 में मोतीचूर-धौलखंड क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अच्छे घनत्व वाले कॉर्बेट लैंडस्केप से बाघ शिफ्ट करने की योजना बनी थी। 2017 में इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से स्वीकृति मिली थी। इसी के तहत कार्बेट के ढिकाला जोन में एक वयस्क स्वस्थ बाघ चिह्नित किया गया है। सीटीआर के पशु चिकित्सक दुष्यंत कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ बाघ की तलाश कर रहे हैं। इधर, सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि एक बाघिन को पकड़ा गया है, जिसे राजाजी पार्क भेजा जाएगा। बताया कि अन्य बाघों को भी पकड़कर राजाजी पार्क भेजेंगे।
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