अब शीशमहल की रामलीला में महाभारत
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रामलीला कमेटियों पर राजनीतिक दखल होने से रामायण की जगह ‘महाभारत’ होने लगी है। हल्द्वानी की श्री रामलीला कमेटी के बाद अब शीशमहल की रामलीला कमेटी में ‘महाभारत’ छिड़ गई है।
रामलीला कमेटी को भंग करने की मांग को लेकर युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संघ दमुवाढूंगा के दर्जनों लोगों ने जुलूस निकालकर एसडीएम कोर्ट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कमेटी की संपत्ति पर कुछ लोगों की नजर है। कमेटी की खुली बैठक बुलाए बगैर वित्तमंत्री के दबाव में कमेटी का रजिस्ट्रेशन हो गया।
शीशमहल की रामलीला कमेटी का एक माह से विवाद चल रहा है। विवाद अब सड़क तक पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला के नेतृत्व में दर्जनों लोग जुलूस की शक्ल में एसडीएम कोर्ट पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने कमेटी को भंग करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि 15 अगस्त को खुली बैठक में कमेटी कार्यकारिणी तय हो गई, जिसमें गिरीश चंद्र तिवाड़ी को अध्यक्ष, एनडी तिवारी को महामंत्री और भाष्कर बल्यूटिया को मेला इंचार्ज बनाया गया।
कुछ दिनों बाद मेला इंचार्ज और महामंत्री को हटाकर दूसरे व्यक्तियों को इसका दायित्व सौंप दिया गया। इसकी भनक कमेटी से जुड़े लोगों को नहीं दी गई। इसके विरोध में सात सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया और 13 सितंबर से बुद्ध पार्क में धरना -प्रदर्शन के साथ अनशन शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों की सुनवाई नहीं हुई और कमेटी का रजिस्ट्रेशन तक करा दिया गया। स्थानीय लोगों ने कमेटी को तत्काल भंग करने की मांग करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हरीश तिवाड़ी, भुवन तिवाड़ी, जगदीश जोशी, लीला नौटियाल, भावना बिष्ट और कोमल तिवाड़ी समेत दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर हैं।
शीशमहल की रामलीला कमेटी में कांग्रेसी कब्जा करना चाहते हैं। वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश के दबाव रजिस्ट्रार ऑफिस से आनन फानन में कमेटी का रजिस्ट्रेशन कराया गया। राजनीतिक दखल से धार्मिक भावनाएं आहत की गई हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।
- डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, मेयर।
अनशनकारी अस्पताल में भर्ती
शीशमहल रामलीला कमेटी भंग कर फिर से चुनाव कराने और कमेटी के तीन साल के आय-व्यय के हिसाब की मांग को लेकर बुद्ध पार्क में बैठे अनशनकारियों को पुलिस एवं प्रशासन ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
बुद्ध पार्क में पिछले दिन से एनडी तिवारी और जगदीश जोशी अनशन पर बैठे थे। बृहस्पतिवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस फोर्स के साथ अनशनकारियों को उठाने गए। लेकिन अनशनकारियों ने उठने से इंकार कर दिया और समर्थकों ने वित्तमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट लौट आए। देर शाम को अनशनकारियों की मेडिकल रिपोर्ट के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस फोर्स के साथ दोनों ही अनशनकारियों को उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया। जूस पिलाकर अनशन भी तुड़वा दिया।