नैनीताल। अक्तूबर में आई दैवी आपदा के एक पखवाड़े बाद वीकेंड पर नैनीताल सैलानियों से फिर गुलजार नजर आया। नैनीताल में सैलानियों की आमद बढ़ने से अधिकतर पर्यटक स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। कारोबारियों का मानना है कि मौसम सही रहा तो धीरे-धीरे पर्यटन कारोबार फिर से चल पड़ेगा।
18-19 अक्तूबर को अतिवृष्टि ने कुमाऊं में तबाही मचा दी थी। अधिकतर सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई थी। पहाड़ों में फंसे सैकड़ों सैलानियों का जिला प्रशासन ने रेस्क्यू किया था। उसके बाद से नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया था और पर्यटक स्थलों पर वीरानी छाई हुई थी। दैवी आपदा के बाद नैनीताल में तीसरा वीकेंड पर्यटन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया। शनिवार सुबह से ही सैलानियों का रुख नैनीताल और इसके आसपास के पर्यटक स्थलों की ओर बना रहा। इससे अधिकतर पर्यटक स्थलों पर चहल-पहल नजर आई। मल्लीताल में माल रोड से लेकर पंत पार्क, चाट बाजार, भोटिया बाजार, तिब्बती बाजार और न्यू क्लब के आसपास सैलानी नजर आए। सैलानियों ने नैनीझील में नौकायन का लुत्फ उठाया और बारापत्थर क्षेत्र में घुड़सवारी की। सैलानियों की संख्या में हुए इजाफे के चलते पार्किंग स्थल भी पैक रहे। यही हाल होटलों का रहा। माल रोड में देर शाम तक चहल पहल नजर आई। पर्यटन कारोबारी आलोक साह और दिग्विजय सिंह बिष्ट का कहना है कि जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल के नेतृत्व में दैवी आपदा के बाद से जिले में हालात तेजी से सुधरे हैं। साह और बिष्ट का मानना है कि पर्यटन कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।