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किसानों से समर्थन मूल्य पर घर बैठे खरीदे जाएंगे उत्पाद
कैलाश पाठक
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:44 AM IST
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किसान
- फोटो : amar ujala
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जिले के काश्तकारों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है कि जल्दी ही नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक से जुड़ी प्राथमिक सहकारी समितियां पर्वतीय क्षेत्र के काश्तकारों से दो किलो या उससे अधिक मडुवा, झिंगोरा, भट, गहत समेत सभी तरह के उत्पाद सरकार द्वारा जारी समर्थन मूल्य पर खरीदेंगी।
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किसानों को घर बैठे उत्पाद का समर्थन मूल्य मिल जाएगा। किसानों को मंडी या अन्य इलाकों में अपने उत्पादों को बेचने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि अभी नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक को चेस्ट ब्रांचों से पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है।
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फिलहाल काश्तकारों के उत्पाद खरीदे जाने पर संदेह बना हुआ है। बजट उपलब्ध नहीं होने की दशा में नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक की इस योजना के बेअसर होने का खतरा भी हो सकता है।
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नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जिले के पर्वतीय क्षेत्र में छोटी जोत के किसान अधिक हैं। कम उत्पादन होने के कारण वह उसे बेचने के लिए मंडी या बाजार तक नहीं लाते।
उन्हें लागत मूल्य से अधिक ट्रांसपोर्टेशन आदि का भाड़ा पड़ जाना इसका बड़ा कारण है। जिले के अधिकतर किसान कोऑपरेटिव सोसायटी से जुड़े हैं। सोसायटी के माध्यम ने उनके ऋण आवेदन कोऑपरेटिव बैंकों की शाखाओं में भेजे जाते हैं, जहां से उन्हें फसली ऋण के साथ ही कंपोनेंट बीज, खाद भी उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने बताया कि सभी क्रय, विपणन केंद्रों में काश्तकारों के हर तरह के उत्पादों को खरीदने के लिए बोर्ड लगा दिए गए हैं। कृषि, उद्यान और खाद्य विभाग से उत्पादों के सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य मांगे जा रहे हैं।
काश्तकारों का उत्पाद उनके नजदीकी सहकारी समिति के क्रय, विपणन केंद्र में सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि मडुवा, झिंगोरा, मक्का, आलू, अदरक के अलावा हर तरह की दालें किसानों से खरीदी जाएंगी।
खरीद सीमा में न्यूनतम एक किलो से लेकर किसान द्वारा बेची जानी वाले पूरी उपज शामिल है। पांच-दस किलो तक की बिक्री करने वाले छोटे काश्तकारों को इससे अधिक राहत मिलेगी। उनके लिए यह सबसे अधिक सुविधा वाला कदम है।
राजेंद्र नेगी ने बताया कि जिले में उत्पादों की खरीद के बाद उसे हल्द्वानी, रामनगर या आसपास के इलाके में एकत्र किया जाएगा। किसानों के उत्पादों को बेचने के लिए जिला साधन सहकारी संघ और जिला सहकारी बैंक मिलकर बाजार की तलाश करेंगे।
किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।