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गन्ना किसानों की तरह हुआ दुग्ध उत्पादकों का हाल
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:14 AM IST
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दुग्ध उत्पादन की आर्थिकी
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों का हाल भी गन्ना किसानों की तरह हो गया है। दुग्ध उत्पादकों का डेयरी विभाग पर दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि का करीब 17 करोड़ बकाया है, लेकिन विभाग के पास दुग्ध उत्पादकों को भुगतान करने के लिए आठ माह से बजट ही नहीं है।
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इधर, दुग्ध सहकारी समितियों के दबाव को लेकर यूसीडीएफ एवं डेयरी विभाग के अधिकारी काफी परेशान हैं और इस योजना के अंतर्गत शीघ्र बजट रिलीज करने के लिए शासन को पत्र भेजा है।
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राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के नाम पर पिछले वर्ष दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि देने की योजना शुरू की थी। योजना के अंतर्गत प्रत्येक दुग्ध उत्पादक को दूध मूल्य के अलावा मूल्य प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति लीटर चार रुपए दिए जाने का प्रावधान है।
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इस योजना का प्रदेश की करीब 2250 दुग्ध समितियों से जुड़े 48 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिल रहा है। पिछले वर्ष शासन से डेयरी निदेशालय को योजना के तहत 14 करोड़ की राशि मिली थी, लेकिन यह राशि सभी दुग्ध उत्पादकों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकी तथा नवंबर तक का ही दुग्ध उत्पादकों को मूल्य प्रोत्साहन राशि मिली।
ऐसे में दुग्ध उत्पादकों का विभाग पर 826 लाख बकाया चढ़ गया। बाद में अगस्त में शासन से फिर एक किश्त 433 लाख रुपए की जारी की, जिससे दुग्ध उत्पादकों को दिसंबर और जनवरी के दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया। इसके बाद फरवरी से फिर दुग्ध उत्पादकों का भुगतान लटका हुआ है।
इस तरह सितंबर तक का मूल्य प्रोत्साहन राशि का करीब 17 करोड़ का बकाया डेयरी विभाग पर हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा लालकुआं नैनीताल सहकारी दुग्ध संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादक प्रभावित हैं। लालकुआं दुग्ध संघ को ही अपने सदस्यों को करीब आठ करोड़ से अधिक का भुगतान करना है।
डेयरी निदेशालय ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 25 करोड़ 87 लाख रुपए की डिमांड शासन को भेजी थी, लेकिन एक पैसा रिलीज नहीं हुआ। खास बात यह है कि दुग्ध मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का लालकुआं क्षेत्र के होने के बावजूद यह स्थिति है।
मुख्यमंत्री से दुग्ध उत्पादकों को मूल्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने के लिए बजट रिलीज करने का अनुरोध किया गया है। शासन में मूल्य प्रोत्साहन राशि का बजट जारी करने की शासन में प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि शीघ्र बजट रिलीज। इसके बाद दुग्ध उत्पादकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
- अर्जुन सिंह रौतेला, चेयरमैन यूसीडीएफ।