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शोध को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलवाऐंगे: नौरियाल
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Tue, 21 Mar 2017 01:32 AM IST
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कुमाऊं विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो.दिनेश कुमार नौरियाल कुमाऊं विवि को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे इसके लिए यहां शोध व अकादमिक गतिविधियों का स्तर सुधारने के साथ-साथ उनकी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी दृश्यता (विजिबिलिटी) सुनिश्चित करवाएंगे। प्रो.नौरियाल कुमाऊं विवि में अपना कार्यभार दस दिन बाद संभालेंगे।
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प्रो. नौरियाल को राज्यपाल डा. केके पॉल ने सोमवार को कुमाऊं विवि का कुलपति नियुक्त किया। 4 अगस्त 1957 को जन्मे प्रो.नौरियाल आईआईटी रूड़की की कला एवं समाज शास्त्र शाखा में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर तथा पूर्व विभागाध्यक्ष हैं।
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प्रो.नौरियाल को 35 वर्ष का शैक्षणिक तथा दस वर्ष का प्रशासनिक अनुभव है। उनके 44 शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में छपे हैं और बुद्धिस्ट विचारधारा पर लिखी उनकी पुस्तक लंदन के टेलर फ्रांसिस प्रकाशन समूह से प्रकाशित हुई है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
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आईआईटी रूड़की में हॉस्पिटल एडवाइजरी समिति के अध्यक्ष के रूप में उनके प्रयासों से यहां का अस्पताल बदहाल हालत से उबरकर अत्याधुनिक ख्यातिप्राप्त चिकित्सालय बन गया। प्रो.नौरियाल ने लखनऊ विवि से अर्थशास्त्र में एमए किया औैर विवि में द्वितीय स्थान पर रहे। 1974 में एचएनबी गढ़वाल विवि में प्रवक्ता पद से उन्होंने कैरियर प्रारंभ किया औैर 1985 में रूड़की विवि में आए। बाद में इसे आईआईटी का दर्जा प्रदान किया गया। वर्ष 1985 से लेकर अब तक प्रो.नौरियाल ने वहीं सेवाएं दी।
वे जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन के अकादमिक सलाहकार और इंडियन इकोनोमिक एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। प्रो.नौरियाल को वर्ष 2012 में आईआईटी रुड़की मोस्ट आउट स्टैंडिंग टीचर का अवार्ड दिया जा चुका है।
प्रो.नौरियाल ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र का विवि होने के नातेे कुमाऊं विवि का एक विशिष्ट दर्जा है।
यहां होने वाले अध्ययन और शोध विशेषकर भू वैज्ञानिक शोध का विश्व भर में महत्व है। इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्र के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वे अपने वर्तमान शैक्षणिक दायित्व पूर्ण करने के बाद दस दिन बाद विवि में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
कुमाऊं विविश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.होशियार सिंह धामी का कार्यकाल 31 अक्तूबर 2016 को खत्म हो गया था उसके बाद वह अल्मोड़ा आवासीय विवि कुलपति बन गए थे। राज्यपाल डा.केके पॉल ने डा.धामी के जाने के बाद 1 नवंबर 2016 से उत्तराखंड मुक्त विद्यालय के कुलपति प्रो.नागेश्वर राव को कुमाऊं विवि के कुलपति का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा था।