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Nainital News: जिलिंग स्टेट मामले में अगली सुनवाई कल
Thu, 11 May 2023 01:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 11 May 2023 01:09 AM IST
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नैनीताल। भीमताल के जिलिंग स्टेट में हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट अगली सुनवाई 12 मई को करेगा। दो दिन की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने अगली सुनवाई की तारीख तय की।
वीरेंद्र सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 1980 के दशक में जिलिंग एस्टेट को संपत्ति बेची थी। उनके बीच यह भी सहमति हुई थी कि यदि वन क्षेत्र में कोई अनधिकृत गतिविधि की जाती है तो वह शिकायत कर सकता है। लेकिन इस करार के विरुद्ध वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की गई। इसे लेकर पहले एनजीटी और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की। शिकायत में कहा था कि जिलिंग स्टेट में करीब 44 विला, हेलीपैड और रिसॉर्ट कॉटेज सहित अन्य का निर्माण किया जा रहा है। जिलिंग स्टेट ने सक्षम अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किए बिना विकास गतिविधियों को करने के लिए जेसीबी मशीन का भी इस्तेमाल किया। पर्यावरण विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई। कोर्ट ने कहा प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि स्टेट ने घने वन क्षेत्र में विकास गतिविधियों का संचालन किया है जिसमें चालीस फीसदी से अधिक घने पेड़ हैं। हम पूरे जिलिंग के नए सिरे से जांच कराना चाहते हैं।
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वीरेंद्र सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 1980 के दशक में जिलिंग एस्टेट को संपत्ति बेची थी। उनके बीच यह भी सहमति हुई थी कि यदि वन क्षेत्र में कोई अनधिकृत गतिविधि की जाती है तो वह शिकायत कर सकता है। लेकिन इस करार के विरुद्ध वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की गई। इसे लेकर पहले एनजीटी और फिर सुप्रीम कोर्ट में अपील की। शिकायत में कहा था कि जिलिंग स्टेट में करीब 44 विला, हेलीपैड और रिसॉर्ट कॉटेज सहित अन्य का निर्माण किया जा रहा है। जिलिंग स्टेट ने सक्षम अधिकारियों से अनुमति प्राप्त किए बिना विकास गतिविधियों को करने के लिए जेसीबी मशीन का भी इस्तेमाल किया। पर्यावरण विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई। कोर्ट ने कहा प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि स्टेट ने घने वन क्षेत्र में विकास गतिविधियों का संचालन किया है जिसमें चालीस फीसदी से अधिक घने पेड़ हैं। हम पूरे जिलिंग के नए सिरे से जांच कराना चाहते हैं।
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