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Nainital News: जलालगांव के ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार

Sat, 20 Apr 2024 06:55 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sat, 20 Apr 2024 06:55 AM IST
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Jalalgaon villagers boycott elections
नैनीताल के समीपवर्ती जलालगांव में लोक सभा चुनाव का विरोध करने वाले ग्रामीण चौपाल लगाकर चर्चा कर
नैनीताल। नगर से लगभग 25 किमी दूर तथा उसके बाद दो से तीन किमी की परिधि में फैले भीमताल ब्लॉक के जलालगांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया। गांव में 280 मतदाताओं में से मात्र 16 ग्रामीणों ने ही मतदान किया। चुनाव बहिष्कार करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जो ग्रामीण वोट डालने गए उन्हें कुछ लोग डरा धमकाकर वोट डालने ले गए। तभी से वह यहां चौपाल लगाकर बैठे हैं। जिससे कोई ग्रामीणों को गुमराह न कर सके।
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बातचीत मेंं अक्रोशित ग्रामीण बोले उनके लिए कैसा चुनाव? दो दशक से न उन्होंने गांव में न विधायक देखा, न सांसद और न ही प्रशासनिक अधिकारी। बूथ भी गांव से चार से पांच किमी दूर थापला में बना दिया, जो ढाई से तीन किमी मोटर मार्ग तथा दो से तीन किमी पैदल है। गांव के प्राथमिक विद्यालय अथवा हाईस्कूल में बूथ बनाने की मांग की थी जो पूरी नहीं हुई।
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मीडिया से हुई बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि इस बार चुनाव बहिष्कार का मुख्य कारण उनकी बार-बार की मांग के बावजूद बूथ दूर बनाना है। इसके अलावा भी गांव की भारी उपेक्षा से ग्रामीण आहत हैं। धरम सिंह बिष्ट ने कहा कि वर्ष 1998 में गांव की मोटरेबल सड़क बनी। लेकिन 26 वर्ष तक मोटरेबल मार्ग खड़ंजे में तब्दील हो गई। देश में फैल रहा चकाचक सड़कों का जाल उनके लिए फिल्मी सीन के समान है। कुंदन सिंह बिष्ट बोले बीते वर्षों में आई आपदा से सड़क की सूरत ही बदल गई है, किसी ने सुध नहीं ली। शिव सिंह ने बताया कि हर घर जल के तहत गांव के घरों में नल लग गए लेकिन जल गायब है। प्रेम सिंह ने बताया कि स्कूल की हालत बदतर है। प्राइमरी स्कूल में 20 बच्चों में एकमात्र शिक्षक, जबकि समीप में स्थित हाईस्कूल में 35 बच्चों में 16 का स्टाफ है। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में पढ़ने के लिए बच्चों को 12 किमी दूर जाना पड़ता है। गोधन सिंह, भुवन सिंह, नंदन सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के लिए नैनीताल व हल्द्वानी दौड़ लगानी पड़ती है। शाक सब्जी को बाजार पहुंचाने के लिए भी निजी स्तर पर व्यवस्था करनी होती। न्यूज में ही एमएसपी, काश्तकार हित की योजनाएं सुनाई देती हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद विधायक बने डा.नारायण सिंह जंतवाल उनके गाव में आए थे। उनकी विधायक निधि से विकास कार्य भी हुए। जो आज भी उसके प्रमाण हैं। ग्राम प्रधान गिरधर बिष्ट ने बताया कि उन्होंने भी ग्रामीणों की बूथ वाली मांग को सक्षम मंच तक पहुंचाया था। इस मौके पर भुवन सिंह बिष्ट, रमेश सिंह बिष्ट, गंगा सिंह, लछम सिंह, खिमुली देवी व पना देवी समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। बता दें कि यहां 280 की आबादी में से 16 लोगों ने वोट दिए।

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