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Nainital News: घोड़ा संचालन की अनुमति नहीं मिलने से संचालक परेशान, संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट

Tue, 01 Oct 2024 01:05 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 01 Oct 2024 01:05 PM IST
सार

टिफिन टॉप की पहाड़ी पर भूस्खलन के बाद छह अगस्त की रात को डोरोथी सीट ढह गई थी। जिसके चलते प्रशासन की ओर से वहां लोगों की आवाजाही के साथ ही घोड़ा संचालन भी रोक दिया था। जिससे घोड़ा संचालकों पर रोजी रोटी का संकट आ गया है।

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Horse driver upset due to not getting permission to operate horse in nainital
घोड़ा संचालन की अनुमति नहीं मिलने से संचालक परेशान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल की टिफिन टॉप की पहाड़ी पर भूस्खलन के बाद छह अगस्त की रात को डोरोथी सीट ढह गई थी। जिसके चलते प्रशासन की ओर से वहां लोगों की आवाजाही के साथ ही घोड़ा संचालन भी रोक दिया था। लेकिन प्रशासन की ओर से कई सर्वे व निरीक्षण और 50 से ज्यादा दिनों के बाद भी घुड़सवारी शुरू नहीं हो पाई है। जिससे घोड़ा संचालकों पर रोजी रोटी का संकट आ गया है।

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बता दें कि, बीते छह अगस्त को नैनीताल की टिफिन टॉप की पहाड़ी में बने डोरोथी सीट भूस्खलन के चलते ढह गई थी। जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। प्रशासन की टीम की ओर से निरीक्षण के बाद यहां 12 पत्थर से संचालित घोड़ों, पर्यटकों व स्थानीय लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। जिसके बाद प्रशासन की ओर से क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों से सर्वे भी कराया गया था। विभागीय विशेषज्ञाें की टीम ने भी क्षेत्र में निरीक्षण कर डाेरोथी सीट को पुराने स्वरूप में लाने के लिए भूगर्भीय सर्वे कराने की बात कही। बीते दिनों भूवैज्ञानिकों की टीम ने क्षेत्र में एक बार फिर निरीक्षण किया है। लेकिन उसके बाद भी क्षेत्र में घुड़सवारी कराने के लिए घोड़ा चालकों को अनुमति नहीं मिल पाई है। जिससे घोड़ा चालक 50 व सौ रुपये मे घोड़ा स्टैंड पर ही पर्यटकों को घुमा रहे हैं।
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घोड़ा चालकों का कहना है कि घोड़ों के खाने के लिए लगभग 300 रुपये रोजाना चाहिए होते हैं। घोड़ा संचालन नहीं होने के कारण उनको घोड़ों के लिए चना, गुड़ व चोकर दुकानों से उधार लेना पड़ रहा है। घोड़ा चालक प्रशासन से डोरोथी सीट से तीन किलोमीटर पहले तक ही घोड़ा संचालन की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि बारिश रुकने के बाद जल्द ही क्षेत्र का एक संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। जिसके बाद घोड़ा संचालन की अनुमति पर विचार किया जाएगा।

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