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Nainital : हाईकोर्ट ने कहा- कुछ महिलाएं दुष्कर्म के नाम पर कानून का दुरुपयोग कर रही हैं, उन्हे जेल भेजा जाए

Fri, 21 Jul 2023 01:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 21 Jul 2023 01:56 AM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि पहले महिलाएं अपनी मर्जी से पुरुष मित्र के साथ होटलों से लेकर कई जगह जाती हैं फिर मतभेद पैदा होने पर इस कानून का दुरुपयोग करती हैं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि जो इस तरह के गलत और झूठे आरोप लगाती हैं, ऐसी महिलाओं को जेल भेज देना चाहिए। 

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High Court said- some women are misusing the law in the name of rape
उत्तराखंड नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शादी का झांसा दे दुष्कर्म करने के मामले में दायर चार्जशीट व समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की एकलपीठ न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा ने कहा कि कुछ महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर रही हैं।

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कोर्ट ने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि पहले महिलाएं अपनी मर्जी से पुरुष मित्र के साथ होटलों से लेकर कई जगह जाती हैं फिर मतभेद पैदा होने पर इस कानून का दुरुपयोग करती हैं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए ये भी कहा कि जो इस तरह के गलत और झूठे आरोप लगाती हैं, ऐसी महिलाओं को जेल भेज देना चाहिए। 
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कोर्ट ने एक अन्य मामले का हवाला दिया कि एक युवती ने तो खुद अपने केस की पैरवी करते हुए कहा कि उसके पुरुष मित्र ने शादी का झांसा देकर कई जगह ले जाकर उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। कोर्ट ने कहा कि शारीरिक संबंध केस दर्ज कराने से 15 वर्ष पूर्व से बने आ रहे हैं और एफआईआर अब की जा रही है। आखिर क्यों? कोर्ट ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें साफ नजर आ रहा है कि महिलाएं इस कानून का दुरुपयोग कर रहीं हैं। 
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एक मामले में कोर्ट ने कहा कि कई महिलाएं यह जानते हुए कि उनका पुरुष मित्र पहले से शादीशुदा है इसके बाद भी उसके साथ संबंध बनाती हैं और बाद में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के नाम पर केस दर्ज कराती हैं। कोर्ट ने कहा कि जो युवती ऐसा कर रही है वह बालिग व समझदार है। कोई बच्ची नहीं है जो पुरुष के झांसे में आ जाए।


याचिकाकर्ता ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब किसी बालिग के साथ सहमति से शारीरिक संबंध बनाए जाते हैं तो वह बलात्कार की श्रेणी में नहीं होगा।

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