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प्रणव पंड्या मामले में हाईकोर्ट ने याची से कहा-फ्लैग, सीजेएम हरिद्वार की अदालत में दायर करें केस-मेन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 02:09 AM IST
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High court asked the petitioner in Pranav Pandya case - Flag, file case-main in CJM Haridwar court
नैनीताल। हाईकोर्ट ने 2010 से 2014 के बीच नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में याचिकाकर्ता से कहा कि वह फरवरी में सीजेएम हरिद्वार की अदालत में केस दायर करें। अगर वहां से निर्णय सही नहीं आता है तो हाईकोर्ट मार्च में उनकी जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी और मामले की जांच सीबीआई से कराने पर विचार करेगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी प्रणव पंड्या ने पुलिस के साथ मिलकर केस में अंतिम रिपोर्ट लगवा इसे बंद करा दिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2010 से 2014 में छत्तीसगढ़ के एक गरीब माता-पिता ने अपनी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को देहरादून निवासी प्रणव पंड्या और उनकी पत्नी के यहां काम करने के लिए छोड़ा था। याचिका में आरोप लगाया गया कि प्रणव पंड्या ने नाबालिगके साथ कई बार दुष्कर्म किया। जब इसकी शिकायत पंड्या की पत्नी से की गई तो उसने नाबालिग को डरा धमकाकर उसका मुंह बंद करा दिया। याचिकाकर्ता ने आरोपी का खाता सील करने के साथ ही उत्तराखंड में उनकी ओर से संचालित चार्टर्ड यूनिवर्सिटी पर भी कार्रवाई की मांग की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि पंड्या शांतिकुंज आश्रम के प्रमुख श्रीराम शर्मा के दामाद हैं। पीड़िता ने पंड्या की पत्नी शैलजा के खिलाफ दिल्ली के विवेक विहार में भी जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी।
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