{"_id":"590e0afa4f1c1b2904441832","slug":"gst-will-reduce-the-burden-of-tax-on-public-pant","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी लागू होने से जनता पर करों का बोझ होगा कम : पंत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी लागू होने से जनता पर करों का बोझ होगा कम : पंत
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल।
Updated Sun, 07 May 2017 02:05 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्त, आबकारी एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि जीएसटी उत्तराखंड विधानसभा में पारित हो चुका है। कर सुधार के नजरिये से हम राज्य में करों का सरलीकरण कर सकेंगे। इससे न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि जनता पर भी करों का बोझ कम होगा।
विज्ञापन
कहा कि उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाली नकली और घटिया शराब पर अंकुश लगाने के लिए ठोस नीति तय की जा रही है। प्रदेश की सीमाओं पर इसके लिए चेकपोस्ट बनाए जाएंगे। पंत शनिवार को टीआरसी सूखाताल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जमरानी बांध के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में 100 करोड़ की लागत से 6 नए छोटे बांध बनाए जाएंगे। इनमें तीन गढ़वाल और तीन कुमाऊं में प्रस्तावित हैं। स्वच्छता मिशन के सवाल पर पंत ने देश के शहरों की रैंकिंग में उत्तराखंड के शहरों की निराशाजनक प्रदर्शन पर गहरी चिंता जताई।
विज्ञापन
कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की खराब नीतियों की वजह से प्रदेश की यह हालत हुई है। एक सवाल के जवाब में पंत ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार सभी 91 निकायों को स्वायत्तता देने एवं उनको मनमाफिक बजट देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
लीकेज होगा एडीबी का, ठीक करेगा जल संस्थान
लीकेज होगा एडीबी का और उसे ठीक करेगा जल संस्थान, सुनने में यह अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन यह कहना है पेयजल मंत्री प्रकाश पंत का। नैनीताल में एडीबी की कार्यप्रणाली के बारे में जब मंत्री जी को बताया गया कि एडीबी की ओर से वर्तमान में जो शहर में पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं, वह कई जगहों से लीक हो रही है।
एडीबी ने कंट्रोल रूम नहीं खोला है, जिससे जनता उन्हें लीकेज की जानकारी दे सके। मंत्री ने साफ कह दिया कि एडीबी का कंट्रोल रूम नहीं खुल सकता, जनता जलसंस्थान के कंट्रोल रूम में फोन कर लीकेज की शिकायत दर्ज करा सकती हैं। फिलहाल मंत्री की बात से साफ जाहिर हो रहा है कि लीकेज तो एडीबी का होगा, लेकिन ठीक कराने के लिए जलसंस्थान को फोन करना पड़ेगा।