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पहाड़ के फूल दिल्ली और बरेली में बिखेर रहे खुशबू
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 23 Feb 2018 02:17 AM IST
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अलग-अलग प्रजातियों के फूल
- फोटो : अमर उजाला
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पर्वतीय क्षेत्रों में फूलों की खेती खूब फल फूल रही है। परंपरागत खेती के बजाए फूलों की खेती मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। हर साल दो दर्जन से अधिक काश्तकार फूलों की खेती से जुड़ रहे हैं। बरेली के बाजार में गेंदा और दिल्ली के बाजार में अन्य प्रजातियों के फूलों की खासी मांग है।
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हार्टिकल्चर टेक्नालाजी मिशन योजना के तहत उद्यान विभाग की ओर से काश्तकारों को फूलों की खेती के लिए अनुदान पर पाली हाउस और पुष्प रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस समय तराई भाबर और पर्वतीय क्षेत्रों में 69.67 हेक्टेयर में अलग-अलग प्रजातियों के फूलों की खेती हो रही है। जिले में सालाना 223.83 मैट्रिक टन फूलों का उत्पादन होता है जिसमें लिलियम, कारनेशन, ग्लैडूलस और गुलाब की सालाना पैदा होने वाली 373.24 लाख स्पाइक भी शामिल हैं।
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वरिष्ठ उद्यान विशेषज्ञ टीएन पांडे बताते हैं कि अलचौना निवासी ललित मोहन उप्रेती, चांफी निवासी दुर्गादत्त उप्रेती, मटियाल निवासी भुवन पांडे व कैलाश गुणवंत, पदमपुरी लदफोड़ा निवासी रतन सिंह, मल्ली दीनी निवासी प्रीतम सिंह बर्गली पालीहाउसों में फूलों की खेती कर रहे हैं। इसके अलावा सैलकुई, रामनगर, नयागांव, कालाढूंगी, भीमताल और पहाड़पानी क्षेत्र में भी 250 से अधिक काश्तकार फूलों की खेती से जुड़े हैं जो कि मुख्य रूप से लिलियम, कारनेशन, ग्लैडूलस, गुलाब, गैंदा और जरबेरा आदि प्रजातियों के फूलों की खेती कर रहे हैं।
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विपणन की व्यवस्था करे सरकार
फूलों का उत्पादन कर रहे काश्तकार बताते हैं कि पहाड़ से दिल्ली के बाजार तक फूल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार फूल रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। जिसके चलते उन्हें उनकी पूरी कीमत नहीं मिल पाती। वह चाहते हैं कि स्थानीय स्तर पर फूलों की मंडी स्थापित हो ताकि उत्पादन के विपणन की सही व्यवस्था हो सके और काश्तकारों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल सके।
घरों की सजावट के लिए पोटेट प्लांट की मांग बढ़ी
हल्द्वानी। भीमताल और रामगढ़ ब्लाक में कई जगह पाली हाउसों में गमलों में सीजनल फूलों की खेती हो रही है। इन्हें पोटेट प्लांट कहा जाता है। काश्तकार बताते हैं कि महानगरों में पोटेट प्लांट की खूब मांग है। महानगरों में लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए पोटेट प्लांट की मांग करते हैं। पोटेट प्लांट में पिटौनिया, पैंजी, सालविया समेत ऐसे फूल तैयार किए जाते हैं जो कि लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों में चार चांद लगाते हैं। भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले सैलानी भी यहां से लौटते वक्त पोटेट प्लांट ले जाना नहीं भूलते।