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आग से सेंट्रल बैंक को 25 लाख की क्षति का अनुमान
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हल्द्वानी। आग से रेलवे बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग बुझाने में दो अग्निशमनकर्मी जख्मी हो गए। घटना के दौरान बैंक का सायरन नहीं बजा। आग से सीसीटीवी, कंप्यूटर, सर्वर सहित अन्य सामान जल गया।
मंगलवार की शाम सेंट्रल बैंक में आग लगने पर खतरे का सायरन नहीं बजा। इसी कारण पड़ोसियों को धुआं दिखाई देने पर जानकारी हुई। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने तीन घंटे में आग पर काबू पाया। आग बुझाने में दमकल कर्मचारी विपिन चौहान के हाथ में चोट लग गई और राजेंद्र के चेहरे को आग की लपटें छू गईं। बुधवार सुबह सीएफओ संजीवा कुमार, एफएसओ गोविंद राम की टीम ने बैंक की क्षति का जायजा लिया। जांच से पता चला कि बैंक में एक जगह पर रखीं 24 बैटरियां, सात एसी, आठ पंखे, आठ कंप्यूटर सेट, दो सर्वर सेट, आठ कैमरे, डीवीआर, एलसीडी, कंप्यूटर नेटवर्क केबल, तीन प्रिंटर, पांच स्कैनर, बिजली बोर्ड, वायरिंग, आधार सेट, फाल्स सिलिंग जलकर नष्ट हो गए। सीएफओ का कहना है कि बैंक प्रबंधक से पता चला कि आग से बैंक को करीब 25 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
आग लगने पर तीनों मॉड्यूलर फटे
अग्निशमन अधिकारियों ने देखा कि बैंक में आग से बचाव के लिए लगाए गए तीनों मॉड्यूलर फटे थे। सीएफओ संजीवा कुमार का कहना है कि करीब 68 सेंटीग्रेट तापमान पर मॉड्यूलर फट जाता है। माड्यूलर से पाउडर की बौछार होने से आग से बचाव होता है।
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आग लगने पर बीए सेट ने किया काम
आग लगने पर बीए सेट (ब्रीर्थिंग ऑपरेटर सेट) से लैस अग्निशमन का जवान बैंक के बेसमेंट में घुसा था। जवानों की वजह से बैंक के महत्वपूर्ण सामान जलने से बच गए। बीए सेट से लैस जवान आधा घंटे तक धुआं के बीच रह सकता है।
पुलिस ने गाड़ी की रोशनी से चलाया काम
पुलिस के पास ड्रैगन लाइट नहीं थी। इसी कारण थाने की गाड़ी की लाइट से बैंक मेें जाने के लिए रोशनी की व्यवस्था की गई, क्योंकि आग बुझाते समय बिजली का शट्डाउन लिया गया था। अग्निशमन कर्मचारी अपनी लाइट बेसमेंट में लेकर घुसे थे।
आग से ये सामान बच गया
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि अग्निशमन विभाग के चलते बैंक करेंसी चेस्ट, लॉकर और लोन की फाइलें बच गईं। पब्लिक की प्रापर्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बैंक की स्टेशनरी, फर्नीचर और अन्य सामान नष्ट हो गए।
अब चार दिन बाद खुलेगा बैंक : सिंह
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आग से बैंक को क्षति पहुंची है। नए सामानों को मंगाने और उसे लगाने में समय लगेगा। संभवत: चार दिन में बैंक की शाखा खुल जाएगी। इस मामले में देहरादून स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी है। बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि अग्निशमन विभाग से बैंक के लिए एनओसी ली थी। इस मामले में बनभूलपुरा थाने में तहरीर दी गई है। सर्वर जलने के कारण बैंक का सायरन नहीं बजा था, जबकि अन्य सिस्टम काम कर रहे थे।
पुलिस कर रही मामले की जांच : भाकुनी
बनभूलपुरा थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने तहरीर दी है। कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मंगलवार की शाम सेंट्रल बैंक में आग लगने पर खतरे का सायरन नहीं बजा। इसी कारण पड़ोसियों को धुआं दिखाई देने पर जानकारी हुई। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने तीन घंटे में आग पर काबू पाया। आग बुझाने में दमकल कर्मचारी विपिन चौहान के हाथ में चोट लग गई और राजेंद्र के चेहरे को आग की लपटें छू गईं। बुधवार सुबह सीएफओ संजीवा कुमार, एफएसओ गोविंद राम की टीम ने बैंक की क्षति का जायजा लिया। जांच से पता चला कि बैंक में एक जगह पर रखीं 24 बैटरियां, सात एसी, आठ पंखे, आठ कंप्यूटर सेट, दो सर्वर सेट, आठ कैमरे, डीवीआर, एलसीडी, कंप्यूटर नेटवर्क केबल, तीन प्रिंटर, पांच स्कैनर, बिजली बोर्ड, वायरिंग, आधार सेट, फाल्स सिलिंग जलकर नष्ट हो गए। सीएफओ का कहना है कि बैंक प्रबंधक से पता चला कि आग से बैंक को करीब 25 लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
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आग लगने पर तीनों मॉड्यूलर फटे
अग्निशमन अधिकारियों ने देखा कि बैंक में आग से बचाव के लिए लगाए गए तीनों मॉड्यूलर फटे थे। सीएफओ संजीवा कुमार का कहना है कि करीब 68 सेंटीग्रेट तापमान पर मॉड्यूलर फट जाता है। माड्यूलर से पाउडर की बौछार होने से आग से बचाव होता है।
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आग लगने पर बीए सेट ने किया काम
आग लगने पर बीए सेट (ब्रीर्थिंग ऑपरेटर सेट) से लैस अग्निशमन का जवान बैंक के बेसमेंट में घुसा था। जवानों की वजह से बैंक के महत्वपूर्ण सामान जलने से बच गए। बीए सेट से लैस जवान आधा घंटे तक धुआं के बीच रह सकता है।
पुलिस ने गाड़ी की रोशनी से चलाया काम
पुलिस के पास ड्रैगन लाइट नहीं थी। इसी कारण थाने की गाड़ी की लाइट से बैंक मेें जाने के लिए रोशनी की व्यवस्था की गई, क्योंकि आग बुझाते समय बिजली का शट्डाउन लिया गया था। अग्निशमन कर्मचारी अपनी लाइट बेसमेंट में लेकर घुसे थे।
आग से ये सामान बच गया
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि अग्निशमन विभाग के चलते बैंक करेंसी चेस्ट, लॉकर और लोन की फाइलें बच गईं। पब्लिक की प्रापर्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बैंक की स्टेशनरी, फर्नीचर और अन्य सामान नष्ट हो गए।
अब चार दिन बाद खुलेगा बैंक : सिंह
बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आग से बैंक को क्षति पहुंची है। नए सामानों को मंगाने और उसे लगाने में समय लगेगा। संभवत: चार दिन में बैंक की शाखा खुल जाएगी। इस मामले में देहरादून स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी है। बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि अग्निशमन विभाग से बैंक के लिए एनओसी ली थी। इस मामले में बनभूलपुरा थाने में तहरीर दी गई है। सर्वर जलने के कारण बैंक का सायरन नहीं बजा था, जबकि अन्य सिस्टम काम कर रहे थे।
पुलिस कर रही मामले की जांच : भाकुनी
बनभूलपुरा थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र सिंह ने तहरीर दी है। कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।