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कुमाऊं विश्वविद्यालय के पांच शोधार्थियों को आईसीएसएसआर फेलोशिप
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पंकज कुमार
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के भूगोल विभाग के पांच शोधार्थियों को देश की प्रतिष्ठित इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) फेलोशिप प्राप्त हुई है। इन्हें शोध कार्य के लिए आईसीएसएस की ओर से हर साल करीब तीन लाख बीस हजार रुपये की छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
शोधार्थी केवलानंद, राहुल कुमार, धीरज पंत, मनिका क्वीरा और मासूम रजा ने बताया कि देश भर में 350 शोधार्थियों को यह फेलोशिप प्राप्त हुई है। इनमें वे भी शामिल हैं। केवलानंद, राहुल कुमार, धीरज पंत और मनिका क्वीरा प्रो. पीसी तिवारी और मासूम रजा प्रो. आरसी जोशी के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं।
राहुल कुमार ने बताया कि देश में सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईसीएसएसआर की स्थापना वर्ष 1969 में भारत सरकार की ओर से की गई थी। शोधार्थियों की इस सफलता के लिए कुुलपति प्रो. एनके जोशी, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. आरके पांडे समेत ने खुशी जताई है।
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प्रो. पीके जोशी को मिला राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार
नैनीताल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल में प्रोफेसर पीके जोशी को राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार-2020 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार पिछले दिनों इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईएसआरएस) देहरादून के वार्षिक सम्मलेन में दिया गया।
मूल रूप से बागेश्वर जिले के अमस्यारी गरुड़ निवासी प्रो. पीके जोशी ने बताया कि यह पुरस्कार देश में जीआईएस, रिमोट सेंसिंग विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट और विशिष्ट रूप से महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है। प्रो. जोशी अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी, फिनलैंड की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी और जर्मनी की फ्रीबर्ग यूनिवर्सिटी में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के भूगोल विभाग के पांच शोधार्थियों को देश की प्रतिष्ठित इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) फेलोशिप प्राप्त हुई है। इन्हें शोध कार्य के लिए आईसीएसएस की ओर से हर साल करीब तीन लाख बीस हजार रुपये की छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
शोधार्थी केवलानंद, राहुल कुमार, धीरज पंत, मनिका क्वीरा और मासूम रजा ने बताया कि देश भर में 350 शोधार्थियों को यह फेलोशिप प्राप्त हुई है। इनमें वे भी शामिल हैं। केवलानंद, राहुल कुमार, धीरज पंत और मनिका क्वीरा प्रो. पीसी तिवारी और मासूम रजा प्रो. आरसी जोशी के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं।
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राहुल कुमार ने बताया कि देश में सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईसीएसएसआर की स्थापना वर्ष 1969 में भारत सरकार की ओर से की गई थी। शोधार्थियों की इस सफलता के लिए कुुलपति प्रो. एनके जोशी, कुलसचिव दिनेश चंद्रा, प्रो. एचसीएस बिष्ट, प्रो. आरके पांडे समेत ने खुशी जताई है।
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प्रो. पीके जोशी को मिला राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार
नैनीताल। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल में प्रोफेसर पीके जोशी को राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार-2020 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार पिछले दिनों इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईएसआरएस) देहरादून के वार्षिक सम्मलेन में दिया गया।
मूल रूप से बागेश्वर जिले के अमस्यारी गरुड़ निवासी प्रो. पीके जोशी ने बताया कि यह पुरस्कार देश में जीआईएस, रिमोट सेंसिंग विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट और विशिष्ट रूप से महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जाता है। प्रो. जोशी अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी, फिनलैंड की हेलसिंकी यूनिवर्सिटी और जर्मनी की फ्रीबर्ग यूनिवर्सिटी में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।