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1212 घरों पर घर खाली कराने का नोटिस चस्पा
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हल्द्वानी। काशीपुर से आए रेल अधिकारियों ने हल्के विरोध के बीच बनभूलपुरा क्षेत्र में मंगलवार को फिर 1212 घरों पर नोटिस चस्पा किए। लोगों को 15 दिन के अंदर घर छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है। अब तक रेलवे के अधिकारी 4356 नोटिस चस्पा कर चुके हैं।
रेलवे लाइन के किनारे रहने वाले ढोलक बस्ती और इंदिरानगर क्षेत्र में बने मकानों को खाली करने के लिए रेलवे के राज संपदा अधिकारी ने सुनवाई की थी। इसके बाद बेदखली का नोटिस जारी किया जा रहा है। मंगलवार को नोटिस के साथ काशीपुर के सहायक मंडल इंजीनियर भूपेंद्र सिंह धर्मसत्तू बनभूलपुरा पहुंचे।
उनके साथ पहुंचे सीनियर सेक्शन इंजीनियर काठगोदाम आरपीएफ इंस्पेक्टर रनदीप सिंह, नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र बुद्धिष्ठ बनभूलपुरा थाने की पुलिस फोर्स और पीएसी की महिला बटालियन ने ढोलक बस्ती से नोटिस लगाना शुरू किया। इसके बाद टीम इंदिरानगर ठोकर होते हुए बड़ी रोड तक पहुंची। इस बीच कुछ लोगों ने विरोध जताया लेकिन टीम पर इसका असर नहीं पड़ा। रेलवे मंडल इंजीनियर ने बताया कि इसके पहले तीन बार में 3144 घरों पर नोटिस चस्पा किया जा चुका है।
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पैदल चलते चलते हांफ गई टीम
हल्द्वानी। नोटिस लगाते समय रेलवे अधिकारियों और पुलिस की फोर्स पैदल चलते हांफ गई। टीम में शामिल लोगों का कहना था कि नोटिस लगाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
हल्द्वानी। नोटिस चस्पा करने पर स्थानीय पार्षदों ने विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर साजिश की जा रही है। पार्षद गुफरान और शकील अंसारी ने आरोप लगाया कि एक साल पुराना नोटिस चस्पा किया गया है। पार्षदों का यह भी कहना था कि वे इस मामले को कोर्ट में चुनौती देंगे। रेलवे नोटिस लगाकर लोगों को भयभीत कर रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश भी मौके पर पहुंचे।
बैठक में भी विरोध के स्वर
हल्द्वानी। बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवैस राजा ने बैठक कर कहा कि रेलवे राजनीति के तहत नोटिस चस्पा कर रहा है। बनभूलपुरा में लगवाए गए रेलवे के अवैध खंभे को जल्द हटाया जाए। बस्ती को किसी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा। लोग रेलवे की कार्यवाही से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे प्रशासन बार-बार लोगों को परेशान न करें। इस दौरान वसीम सिद्दीकी, आरिश अली, अरमान खान आदि मौजूद थे। कांग्रेस नेता जावेद सिद्दीकी ने भी रेलवे प्रशासन की कार्यवाही का विरोध किया है।
याचिकाकर्ता का पक्ष
कुछ नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और तुष्टिकरण की नीति के लिए पूरे पहाड़ का विकास अवरुद्ध नहीं किया जाएगा। गफूर-बस्ती से लेकर इंदिरानगर तक की रेलवे की 80 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटने पर हल्द्वानी सहित पूरे कुमाऊं का विकास होगा। हल्द्वानी में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना सामरिक दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है। अतिक्रमण को हटाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मामले में रेलवे प्राधिकरण के समक्ष 4365 आपत्तियां दर्ज हुई थी।
- रवि शंकर जोशी, याचिकाकर्ता
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रेलवे लाइन के किनारे रहने वाले ढोलक बस्ती और इंदिरानगर क्षेत्र में बने मकानों को खाली करने के लिए रेलवे के राज संपदा अधिकारी ने सुनवाई की थी। इसके बाद बेदखली का नोटिस जारी किया जा रहा है। मंगलवार को नोटिस के साथ काशीपुर के सहायक मंडल इंजीनियर भूपेंद्र सिंह धर्मसत्तू बनभूलपुरा पहुंचे।
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उनके साथ पहुंचे सीनियर सेक्शन इंजीनियर काठगोदाम आरपीएफ इंस्पेक्टर रनदीप सिंह, नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र बुद्धिष्ठ बनभूलपुरा थाने की पुलिस फोर्स और पीएसी की महिला बटालियन ने ढोलक बस्ती से नोटिस लगाना शुरू किया। इसके बाद टीम इंदिरानगर ठोकर होते हुए बड़ी रोड तक पहुंची। इस बीच कुछ लोगों ने विरोध जताया लेकिन टीम पर इसका असर नहीं पड़ा। रेलवे मंडल इंजीनियर ने बताया कि इसके पहले तीन बार में 3144 घरों पर नोटिस चस्पा किया जा चुका है।
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पैदल चलते चलते हांफ गई टीम
हल्द्वानी। नोटिस लगाते समय रेलवे अधिकारियों और पुलिस की फोर्स पैदल चलते हांफ गई। टीम में शामिल लोगों का कहना था कि नोटिस लगाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
हल्द्वानी। नोटिस चस्पा करने पर स्थानीय पार्षदों ने विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर साजिश की जा रही है। पार्षद गुफरान और शकील अंसारी ने आरोप लगाया कि एक साल पुराना नोटिस चस्पा किया गया है। पार्षदों का यह भी कहना था कि वे इस मामले को कोर्ट में चुनौती देंगे। रेलवे नोटिस लगाकर लोगों को भयभीत कर रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश भी मौके पर पहुंचे।
बैठक में भी विरोध के स्वर
हल्द्वानी। बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवैस राजा ने बैठक कर कहा कि रेलवे राजनीति के तहत नोटिस चस्पा कर रहा है। बनभूलपुरा में लगवाए गए रेलवे के अवैध खंभे को जल्द हटाया जाए। बस्ती को किसी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा। लोग रेलवे की कार्यवाही से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे प्रशासन बार-बार लोगों को परेशान न करें। इस दौरान वसीम सिद्दीकी, आरिश अली, अरमान खान आदि मौजूद थे। कांग्रेस नेता जावेद सिद्दीकी ने भी रेलवे प्रशासन की कार्यवाही का विरोध किया है।
याचिकाकर्ता का पक्ष
कुछ नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और तुष्टिकरण की नीति के लिए पूरे पहाड़ का विकास अवरुद्ध नहीं किया जाएगा। गफूर-बस्ती से लेकर इंदिरानगर तक की रेलवे की 80 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटने पर हल्द्वानी सहित पूरे कुमाऊं का विकास होगा। हल्द्वानी में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना सामरिक दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है। अतिक्रमण को हटाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मामले में रेलवे प्राधिकरण के समक्ष 4365 आपत्तियां दर्ज हुई थी।
- रवि शंकर जोशी, याचिकाकर्ता