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20 लोगों को दिया रोजगार, टर्नओवर साढ़े तीन करोड़
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हल्द्वानी। लगन और कुछ नया करने की चाह इंसान की किस्मत बदल देती है। यह कर दिखाया पश्चिमी खेड़ा गौलापार निवासी नितिन जोशी ने। कई वर्षों तक महानगरों में नौकरी की, कुछ खास हासिल नहीं हुआ तो उन्होंने स्वरोजगार में हाथ आजमाया। आज आटा चक्की प्लांट के जरिये वह करोड़ों के टर्नओवर के साथ 20 लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे हैं।
नितिन ने बैंगलूरु से वर्ष-2015 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। उसके बाद उन्होंने बैंगलुरु समेत कई शहरों में नौकरी की, लेकिन वह उससे संतुष्ट नहीं थे। लक्ष्य कुछ खास करने का था। इसके चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वरोजगार करने की ठान ली। घर लौटे नितिन ने वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री ग्रामोद्योग योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया। ऋण मिलने के बाद उन्होंने आटा चक्की प्लांट लगाया। इसके बाद उन्होंने अपनी दादी स्व. नर्मदा जोशी के नाम से नर्मदा भोग आटा बाजार में उतारा। धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ता गया और उनके आटे की मांग बढ़ती गई।
उनका सालाना टर्नओवर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये है। प्लांट में 20 लोग काम कर रहे हैं। स्वरोजगार से उन्होंने अपने गांव समेत यूपी के लोगों को रोजगार दिया है। उनके छोटे भाई सागर जोशी भी उनके साथ काम कर रहे हैं। दोनों भाइयों की मेहनत रंग ला रही है। उनके पिता प्रकाश चंद्र जोशी जजमानी का काम करते हैं। मां चंपा जोशी गृहणी है। नितिन ने बताया कि नर्मदा भोग आटा बाजार में अपनी पहचान बना चुका है। चार लोगों के साथ आटा चक्की प्लांट का कार्य शुरू किया था, आज 20 लोग जुड़ गए हैं। नितिन ने युवाओं से स्वरोजगार अपनाने की अपील की है। उनका मानना है कि स्वरोजगार से पलायन भी रुकेगा और बेरोजगारी भी कम होगी।
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नितिन ने बैंगलूरु से वर्ष-2015 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। उसके बाद उन्होंने बैंगलुरु समेत कई शहरों में नौकरी की, लेकिन वह उससे संतुष्ट नहीं थे। लक्ष्य कुछ खास करने का था। इसके चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और स्वरोजगार करने की ठान ली। घर लौटे नितिन ने वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री ग्रामोद्योग योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया। ऋण मिलने के बाद उन्होंने आटा चक्की प्लांट लगाया। इसके बाद उन्होंने अपनी दादी स्व. नर्मदा जोशी के नाम से नर्मदा भोग आटा बाजार में उतारा। धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ता गया और उनके आटे की मांग बढ़ती गई।
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उनका सालाना टर्नओवर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये है। प्लांट में 20 लोग काम कर रहे हैं। स्वरोजगार से उन्होंने अपने गांव समेत यूपी के लोगों को रोजगार दिया है। उनके छोटे भाई सागर जोशी भी उनके साथ काम कर रहे हैं। दोनों भाइयों की मेहनत रंग ला रही है। उनके पिता प्रकाश चंद्र जोशी जजमानी का काम करते हैं। मां चंपा जोशी गृहणी है। नितिन ने बताया कि नर्मदा भोग आटा बाजार में अपनी पहचान बना चुका है। चार लोगों के साथ आटा चक्की प्लांट का कार्य शुरू किया था, आज 20 लोग जुड़ गए हैं। नितिन ने युवाओं से स्वरोजगार अपनाने की अपील की है। उनका मानना है कि स्वरोजगार से पलायन भी रुकेगा और बेरोजगारी भी कम होगी।
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