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परीक्षा नियंत्रक और कर्मियों पर पेट्रोल छिड़कर जलाने का प्रयास

Tue, 25 Apr 2017 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल Updated Tue, 25 Apr 2017 02:32 AM IST
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Effort to burn petrol spray on exam control and personnel
कोतवाल को जानकारी देते परीक्षा नियंत्रक - फोटो : अमर उजाला

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परीक्षा आवेदन पत्र जमा नहीं किए जाने से गुस्साए एक छात्र नेता ने खुद पर और कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक समेत वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। इससे परीक्षा अनुभाग में खलबली मच गई। आननफानन में अन्य कर्मचारियों ने उसे  दबोच लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर शांति भंग में चालान कर दिया है। 


परीक्षा नियंत्रक प्रो. रजनीश पांडे ने कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह कुमाऊं विवि के प्रशासनिक भवन स्थित परीक्षा अनुभाग में परीक्षा संबंधी कार्य कर रहे थे। तभी सुदर्शन परमार निवासी तिकोनिया (हल्द्वानी) ने उनके कक्ष में पहुंचकर उनसे बीए प्रथम वर्ष प्राइवेट परीक्षा के तीन आवेदन पत्र जमा करने को कहा। इस पर प्रोफेसर पांडे ने कहा कि आवेदन पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि तीन अप्रैल निकल चुकी है, अब आवेदन पत्र जमा नहीं हो सकता है। इस पर वह आत्मदाह की धमकी देकर बाहर निकल गया। कुछ देर बाद वह बोतल में पेट्रोल लेकर आ गया। कमरे में पहुंचते ही उसने पहले खुद पर पेट्रोल छिड़का और उसके बाद परीक्षा नियंत्रक प्रो. पांडे समेत आसपास मौजूद कर्मचारियों बृजेश जोशी, विपिन जोशी व रमेश पंत के अलावा कमरे में रखे गए दस्तावेजों पर भी छिड़क दिया। वह आग लगाने की कोशिश कर ही रहा था कि परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य कर्मचारियों ने युवक को दबोच लिया। 
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सूचना पर पहुंचे कोतवाल अरुण कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक कश्मीर सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने युवक को हिरासत में ले लिया। परीक्षा नियंत्रक की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने युवक का मेडिकल कराया और बाद में शांति भंग के आरोप में चालान कर दिया।
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नैनीताल। एमबी कॉलेज के छात्र नेता रहे सुदर्शन परमार का कहना है कि इससे पहले भी वह कई बार परीक्षा नियंत्रक से मिल चुका था, बावजूद उसका परीक्षा फार्म जमा नहीं किया गया। सुदर्शन ने परीक्षा नियंत्रक पर बेवजह उत्पीड़न का आरोप लगाया। इधर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. पांडे ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद उन पर आवेदन पत्र जमा कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। 

 
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