{"_id":"57323f344f1c1bdf6e919fb8","slug":"doon-circle-rates-of-properties-in-order-to-issue-an-explanation-from-the-government-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून में जमीन के सर्किल रेट जारी करने के आदेश पर सरकार से जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून में जमीन के सर्किल रेट जारी करने के आदेश पर सरकार से जवाब तलब
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Wed, 11 May 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। हाईकोर्ट ने डिस्ट्रिक्ट कलक्टर की ओर से देहरादून की भूमि के नए सर्किल रेट जारी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी संदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 4 जनवरी, 2016 को जारी नए सर्कि ल रेट के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि नए सर्किल रेट जारी होने से खेती की भूमि समाप्त होने के कगार पर आ सकती है, क्योंकि खेती वाली भूमि देहरादून के मुख्य मार्गों पर है।
सरकार द्वारा नए सर्किल रेट के अनुसार मुख्य मार्ग से 350 सौ मीटर तक स्थित भूमि पर आवासीय दर लगेगी। जिससे कई गांव जो कि 350 मीटर के दायरे में हैं खत्म हो जाएंगे। याचिका में कहा गया है कि उनकी खेती योग्य भूमि पर खेती के दाम न लगाकर आवासीय दाम लग जाऐंगे। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी संदीप कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 4 जनवरी, 2016 को जारी नए सर्कि ल रेट के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि नए सर्किल रेट जारी होने से खेती की भूमि समाप्त होने के कगार पर आ सकती है, क्योंकि खेती वाली भूमि देहरादून के मुख्य मार्गों पर है।
विज्ञापन
सरकार द्वारा नए सर्किल रेट के अनुसार मुख्य मार्ग से 350 सौ मीटर तक स्थित भूमि पर आवासीय दर लगेगी। जिससे कई गांव जो कि 350 मीटर के दायरे में हैं खत्म हो जाएंगे। याचिका में कहा गया है कि उनकी खेती योग्य भूमि पर खेती के दाम न लगाकर आवासीय दाम लग जाऐंगे। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन