{"_id":"5f7e1a238ebc3e9be418c85a","slug":"documentary-release-on-swami-vivekananda-tourism-circuit-in-uttarakhand-joint-initiative-of-kumaon-and-garhwal-university-nainital-news-hld3996914165","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में स्वामी विवेकानंद पर्यटन परिपथ पर डाक्यूमेंट्री रिलीज, कुमाऊं और गढ़वाल विवि की संयुक्त पहल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में स्वामी विवेकानंद पर्यटन परिपथ पर डाक्यूमेंट्री रिलीज, कुमाऊं और गढ़वाल विवि की संयुक्त पहल
विज्ञापन
नैनीताल के कुमांऊ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक सभागार में कुलपति प्रो. एन के जोशी ॐउत्तराखंड में ?
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। कुमाऊं विवि के प्रशासनिक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ‘उत्तराखंड में स्वामी विवेकानंद पर्यटन परिपथ’ विषय पर डाक्यूमेंट्री लांच की गई। इसका निर्माण कुविवि और गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर की ओर से संयुक्त रूप से किया गया है। फिल्म ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान को समर्पित है।
फिल्म का विमोचन कुविवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी और गढ़वाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने वेबिनार के माध्यम से किया। कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद विद्यार्थियों में सनातन मूल्यों के प्रति आस्था पैदा करना चाहते थे। विवेकानंद की मान्यता थी कि शिक्षा, मनुष्य में आत्मनिर्भरता और वैश्विक बंधुत्व को बढ़ावा देने का जरिया होनी चाहिए। गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा कि भारतीय अध्यात्म और संस्कृति को विश्व में अभूतपूर्व पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है।
विशिष्ट वक्ता अपर खाद्य आयुक्त डॉ. सुचिश्मिता देशपांडे स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन एवं उनके पर्यटन पथ पर वृत्तचित्र बनाने की सराहना की। विवेकानंद पीठ के सचिव एवं ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संयोजक प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने संबोधन में कहा था कि पहाड़ों के साथ हमारी श्रेष्ठतम स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों की ओर से सामूहिक रूप में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी की उत्तराखंड यात्राओं पर आधारित डॉक्यूमेंटरी भी बनाई जाएंगी। इसका निर्माण डॉ. सर्वेश उनियाल के निर्देशन में पर्यटन विभाग एवं गढ़वाल विवि द्वारा किया गया है। वेबिनार में प्रो. एससी बागडी, प्रो. ओपी बेलवाल, प्रो. एसके गुप्ता, डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, विधान चौधरी, केके पांडे, मनोज पांडे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिल्म का विमोचन कुविवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी और गढ़वाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने वेबिनार के माध्यम से किया। कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद विद्यार्थियों में सनातन मूल्यों के प्रति आस्था पैदा करना चाहते थे। विवेकानंद की मान्यता थी कि शिक्षा, मनुष्य में आत्मनिर्भरता और वैश्विक बंधुत्व को बढ़ावा देने का जरिया होनी चाहिए। गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा कि भारतीय अध्यात्म और संस्कृति को विश्व में अभूतपूर्व पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय स्वामी विवेकानंद को जाता है।
विज्ञापन
विशिष्ट वक्ता अपर खाद्य आयुक्त डॉ. सुचिश्मिता देशपांडे स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन एवं उनके पर्यटन पथ पर वृत्तचित्र बनाने की सराहना की। विवेकानंद पीठ के सचिव एवं ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संयोजक प्रो. अतुल जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने संबोधन में कहा था कि पहाड़ों के साथ हमारी श्रेष्ठतम स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों की ओर से सामूहिक रूप में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी की उत्तराखंड यात्राओं पर आधारित डॉक्यूमेंटरी भी बनाई जाएंगी। इसका निर्माण डॉ. सर्वेश उनियाल के निर्देशन में पर्यटन विभाग एवं गढ़वाल विवि द्वारा किया गया है। वेबिनार में प्रो. एससी बागडी, प्रो. ओपी बेलवाल, प्रो. एसके गुप्ता, डॉ. गिरीश रंजन तिवारी, विधान चौधरी, केके पांडे, मनोज पांडे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन