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Nainital News: सरकारी खर्चे पर डॉक्टरों ने किया पीजी... फिर अता पता लापता

Thu, 05 Jun 2025 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Thu, 05 Jun 2025 02:12 AM IST
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Doctors did their PG at government expense... then their whereabouts went missing
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। सरकारी खर्चे पर पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) करने के बाद सात डाॅक्टर बाहर से बाहर ही लापता हो गए। नए पते के तौर पर निजी अस्पताल ही पता चल पा रहा है। कहां और कौन सा, यह किसी को नहीं पता। इन डॉक्टरों को पीजी करने के बाद वापस अपने तैनाती स्थल आना था। स्वास्थ्य विभाग ने सेवा अनुबंध का उल्लंघन पाते हुए इन डॉक्टरों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है।
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सरकारी अस्पताल के सात डॉक्टरों को रेडियोलॉजी और गायनेकोलॉजी में पीजी करने के लिए सरकारी व्यय पर अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया था। अलग-अलग वर्षों में भेजे गए इन डॉक्टरों को अनुबंध के तहत पीजी की पढ़ाई पूरी होने के बाद ड्यूटी पर लौटना था। लेकिन न तो वे लौटे और न ही विभाग को कोई सूचना दी। अब विभाग ने इन सभी सात डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पीजी करने के बाद वर्तमान में ये डॉक्टर कहां हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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ब्याज समेत होगी वसूली, डिग्री पर भी संकट
नोटिस का जवाब अगर नहीं आता है और न ही ये डॉक्टर ज्वाइन करते हैं तो 50 लाख रुपये का बॉन्ड भरकर पीजी करने गए डॉक्टरों से अब जुर्माने के तौर पर स्वास्थ्य विभाग मूल रकम ब्याज समेत वसूलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमावली के तहत कार्रवाई करते हुए डिग्री मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
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जूझ रहा महिला अस्पताल
एक साल से महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण रात के समय गर्भवती महिलाओं को सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा जा रहा है। एक सप्ताह पहले भी महिला अस्पताल में शाम के समय गर्भवती का इलाज कराने पहुंचे तीमारदार को रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से निजी क्लीनिक में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा था। बाद में गर्भवती का नार्मल ऑपरेशन तो हो गया, लेकिन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिलते-मिलते देरी से बच्चे की मौत हो गई थी।


पीजी करने के बाद इन डॉक्टरों को तैनाती स्थल पर जाने को कहा गया था, लेकिन लंबे समय से उनका अता पता नहीं है। शासन से कड़ा पत्र आने के बाद गायब डॉक्टरों को नोटिस भेजे गए हैं। जवाब नहीं देने पर ब्याज समेत धनराशि वसूलने के साथ डिग्री रद्द करने की कार्यवाही होगी।
-डॉ. एचसी पंत, सीएमओ नैनीताल
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