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‘प्रवचन’ सुने बगैर प्रसाद लेकर चलते बने नेता
निशांत खनी
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:34 AM IST
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प्रेस कांफ्रेंस में सतपाल महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा में अनुशासन तार-तार होने लगा है। हाल में संगठन की बैठकों से लेकर सार्वजनिक मंचों में भाजपाइयों के आपसी मनमुटाव की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गुरुवार को भाजपाइयों ने हद ही कर दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता सतपाल महाराज की प्रेस में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी।
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सतपाल महाराज की गुजारिश पर नेताओं और कार्यकर्ताओं का शोरगुल तो शांत हो गया, लेकिन प्रेस खत्म होने के साथ ही नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। महाराज के प्रवचन सुने बगैर ही नेता एवं कार्यकर्ता पूड़ी, सब्जी से पेट पूजा कर घरों को निकल पड़े।
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पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सतपाल महाराज की गुरुवार दोपहर एक बजे कमलुवागांजा रोड स्थित एक बैंक्वट हाल में प्रेस थी। स्थानीय भाजपा मीडिया सेल ने एक दिन पूर्व मीडिया कर्मियों को इसकी सूचना जारी कर दी।
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गुरुवार दोपहर निर्धारित समय पर मीडिया कर्मी बैंक्वट हाल पहुंचे। हॉल स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से भरा पड़ा था। बैंक्वट हाल भाजपा प्रदेश मंत्री गजराज बिष्ट का है। महाराज करीब पौने घंटे देरी से पहुंचे।
महाराज के पत्नी अमृता रावत के साथ हॉल में पहुंचते ही नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत कर नारे लगाए। मीडिया कर्मियों साथ खुद आयोजक और महाराज भी दुविधा में थे आखिर माजरा क्या है।
वार्ता मीडिया से होनी है या फिर कार्यकर्ताओं से। नेताओं और कार्यकर्ताओं के शोरगुल से भाजपा मीडिया प्रभारी तरुण बंसल और गजराज बिष्ट को मंच से कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
कहा कि मीडिया कर्मियों से बातचीत के बाद महाराज स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति का गुरुमंत्र देंगे। खुद महाराज ने भी हॉल में शांति बनाए रखने की गुजारिश की। इसके बाद प्रेस शुरू हुई।
प्रेस खत्म होने के साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरा हॉल खाली हो गया। महाराज और उनकी पत्नी कुछ नेताओं के साथ मंच पर अकेले रह गए।
दरअसल, बैंक्वट हाल में ही गजराज बिष्ट की तरफ से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भोजन बनाया गया था। महाराज के आने से पहले ही अधिकांश नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल में पहुंचे थे।
करीब ढाई से तीन घंटे तक कार्यक्रम स्थल में रहने से नेताओं और कार्यकर्ताओं के पेट में चूहे कूदने लगे। भूख बर्दास्त नहीं होने पर पूड़ी सब्जी और दाल चावल खाने में व्यस्त हो गए। भोजन के बाद अधिकांश नेता और कार्यकर्ता घरों को निकल पड़े, जिसके चलते महाराज सामूहिक रूप से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुखातिब नहीं हो सके।
हालांकि, महाराज काफी देर तक बैंक्वट हाल में रहे। इस बीच कुछ नेताओं ने उनसे चर्चा भी की।