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रेलवे ने किया रेल डिरेल मॉक ड्रिल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Dec 2016 01:48 AM IST
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सुहलव के ताडीघाट रेलवे स्टेशन पर कोहरा के बीच लाइट जलाकर गुजरती ट्रेन।
- फोटो : ghazipur
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रेलवे द्वारा शून्य दुर्घटना और कोहरे के दौरान रेल डिरेलेमेंट की संभावनाओं के मद्देनजर मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान इज्जतनगर मंडल के अधिकारियों समेत 350 से अधिक रेल कर्मियों और एनडीआरएफ के जवानों द्वारा रिहर्सल की गई।
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रेलवे स्टेशन परिसर में शाम चली रेल डिरेलमेंट मॉक ड्रिल में दुर्घटना के बाद घायलों को उपचार और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने समेत अन्य सुरक्षा कार्योेें का अभ्यास किया गया। मंडल संरक्षा अधिकारी सीएल शाह ने बताया कि रेलवे द्वारा किसी भी प्रकार की रेल दुर्घटना की तैयारियों को लेकर प्रत्येक वर्ष मॉक ड्रिल किया जाता है।
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मॉक ड्रिल का नेतृत्व अपर मंडल रेल प्रबंधक एके अग्रवाल, एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट राजकमल मौलिक और मुख्य संरक्षा अधिकारी सीएल शाह कर रहे थे। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन से एनडीआरएफ के 40 जवानों और एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन के 65 कर्मचारियों द्वारा यात्रियों का रेस्क्यू किया गया। यात्रियों के सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरफीएफ के 50 से अधिक जवानों ने संभाली।
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कार्मिक विभाग के दर्जनों कर्मचारियों ने घायलों को निशुल्क रेलवे पास मुहैया करा कर गंतव्य की रेल गाड़ियों में सुरक्षित भेजा। वाणिज्य विभाग के 28 टीटी और वाणिज्य निरीक्षक ने यात्रियों के भोजन की व्यवस्था की। परिचालन विभाग द्वारा यात्रियों को गंतव्य तक ले जाने के लिए विशेष रेलगाड़ी का इंतजाम किया गया।
इस कार्य में रेलवे के 70 कर्मचारियों, भारत स्काउट गाइड के 20 स्वयंसेवकों, सेंट जांस एंबुलेंस के 18 कर्मचारियों ने सहयोग किया। मॉक ड्रिल में मंडल रेलवे के सीएमएस डॉ. अरुण खुन्नू, आरपीएफ कमांडेंट आरआर मीणा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर अरुण कुमार, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर सुमित गर्ग, वरिष्ठ मंडल सिग्नल इंजीनियर आरके गुप्ता, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डीके वर्मा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर गौरव सिंह, वरिष्ठ यातायात निरीक्षक मोहन राम आदि थे।