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बेस अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर मर गया मरीज, किसी को फर्क नहीं पड़ा
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हल्द्वानी। स्वास्थ्य सेवाओं की बदइंतजामी और बदहाली की एक और तस्वीर मंगलवार को सामने आई। सितारंगज से डायलिसिस कराने आए मरीज ने बेस अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर दम तोड़ दिया। उसे देखने अस्पताल से कोई नहीं आया। इससे गुस्साए लोगों ने अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि मरीज काफी देर तक गेट के पास पड़ा रहा लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मी उसे देखने नहीं आया।
बेस अस्पताल में एक निजी संस्था के सहयोग से डायलिसिस की जाती है। शक्ति फार्म, सितारगंज निवासी 47 वर्षीय कमल मंडल मंगलवार को यहां डायलिसिस कराने आया था। शाम को डायलिसिस कराने के बाद जब वह लौट रहा था तो गेट के पास गिर गया। कांग्रेस जिला महामंत्री हेमंत साहू ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता विशाल भारती ने सूचना दी कि एक व्यक्ति गेट के पास पड़ा हुआ है। वहां पहुंचने पर देखा कि किसी भी चिकित्सा कर्मी ने मरीज की सुध नहीं ली है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को इस बारे में बताया। इसके बाद पुलिस पहुंची। मरीज को अस्पताल ले जाकर जांच कराई गई तो उसकी सांसें थम चुकी थी। मंगल पड़ाव चौकी इंचार्ज देवेंद्र बिष्ट ने भी माना कि अस्पताल ले जाने पर मौत की पुष्टि हुई है।
इधर, नाराज लोगों का आरोप था कि गेट के पास रोगी करीब एक घंटे तक पड़ा रहा लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर गेट पर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर रोगी को तत्काल इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि सूचना मिलने के बाद तत्काल सीएमओ और कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। मामले की पूरी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने भी रखा जाएगा।
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि रोगी अकेले ही डायलिसिस कराने आता था। उसकी डायलिसिस हुई थी। वह डिस्चार्ज हुआ था। इस मामले में डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मरील के पड़े होने की जानकारी होने पर वे तुरंत पहुंचे थे लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे उठाने नहीं दिया। बाद में रोगी को उठाया गया।
बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीश लाल का कहना है कि रोगी डायलिसिस कराने आया था। वह अचानक गिर गया। मेरे पास जैसे ही सूचना आई तुरंत ईएमओ को फोन किया कि उसे देख लें।
बेस अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों में
हल्द्वानी। लोगों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं लचर हैं। व्हील चेयर टूटी हुई हैं। पर्याप्त स्ट्रेचर तक नहीं है। पटेल चौक की तरफ के दोनों गेट बंद हैं, इसके कारण भी रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बेस अस्पताल में एक निजी संस्था के सहयोग से डायलिसिस की जाती है। शक्ति फार्म, सितारगंज निवासी 47 वर्षीय कमल मंडल मंगलवार को यहां डायलिसिस कराने आया था। शाम को डायलिसिस कराने के बाद जब वह लौट रहा था तो गेट के पास गिर गया। कांग्रेस जिला महामंत्री हेमंत साहू ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता विशाल भारती ने सूचना दी कि एक व्यक्ति गेट के पास पड़ा हुआ है। वहां पहुंचने पर देखा कि किसी भी चिकित्सा कर्मी ने मरीज की सुध नहीं ली है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को इस बारे में बताया। इसके बाद पुलिस पहुंची। मरीज को अस्पताल ले जाकर जांच कराई गई तो उसकी सांसें थम चुकी थी। मंगल पड़ाव चौकी इंचार्ज देवेंद्र बिष्ट ने भी माना कि अस्पताल ले जाने पर मौत की पुष्टि हुई है।
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इधर, नाराज लोगों का आरोप था कि गेट के पास रोगी करीब एक घंटे तक पड़ा रहा लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर गेट पर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि अगर रोगी को तत्काल इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।
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सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह का कहना है कि सूचना मिलने के बाद तत्काल सीएमओ और कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। मामले की पूरी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने भी रखा जाएगा।
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि रोगी अकेले ही डायलिसिस कराने आता था। उसकी डायलिसिस हुई थी। वह डिस्चार्ज हुआ था। इस मामले में डॉक्टरों ने मुझे बताया कि मरील के पड़े होने की जानकारी होने पर वे तुरंत पहुंचे थे लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे उठाने नहीं दिया। बाद में रोगी को उठाया गया।
बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीश लाल का कहना है कि रोगी डायलिसिस कराने आया था। वह अचानक गिर गया। मेरे पास जैसे ही सूचना आई तुरंत ईएमओ को फोन किया कि उसे देख लें।
बेस अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों में
हल्द्वानी। लोगों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाएं लचर हैं। व्हील चेयर टूटी हुई हैं। पर्याप्त स्ट्रेचर तक नहीं है। पटेल चौक की तरफ के दोनों गेट बंद हैं, इसके कारण भी रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।