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रास्ते में फंसे देवीदत्त इधर आखिरी सांस ले रही जीवन संगिनी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2020 01:18 PM IST
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devi dutt in way but his wife is suffering disease
NA - फोटो : AMAR UJALA
जीवन कुमार, रामनगर (नैनीताल)। गांव में जीवन संगिनी अंतिम सांस ले रही है और पति लॉकडाउन के चलते रास्ते में फंसे हुए हैं। हालात ऐसे है कि पूरा परिवार रामनगर की पीरुमदारा चौकी क्षेत्र के हल्दुआ बैरियर पर फंसा हुआ है। पुलिस न तो आगे जाने दे रही और न ही वापस जाने दे रही है। परिवार को मौके पर ही डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है और उनका उपचार किया जा रहा है। परिवार के सामने मुसीबत खड़ी हो गई, अब वह जाये तो जाये कहां। ग्राम गेरा पोस्ट ऑफिस शिशवा रिची रानीखेत के रहने वाले 85 साल के देवीदत्त बुधानी दस दिन पहले ही अपने पौते शेखर बुधानी के पास मोहाली पंजाब गए थे। देवीदत्त मोहाली तो पहुंच गए, लेकिन दो दिन बाद ही यानी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लग गया। कर्फ्यू के बाद पूरे देश में लॉकडाउन हो गया और आवाजाही बंद हो गयी। मोहाली में एयर कंडीशिनर का व्यापार करने वाले पौते शेखर बुधानी ने बताया कि 28 मार्च को गांव से फोन आया कि 82 वर्षीय दादी देवकी देवी तबीयत काफी हो गई है, बताया जा रहा है कि दादी अंतिम सांस ले रही है। दादी की तबीयत खराब होने की सूचना पर दादा व्याकुल हो गए और दादी की तबीयत खराब होने पर सभी परिवार सहित मोहाली से गांव के रवाना हो गया। 29 मार्च यानी रविवार की रात करीब 11 बजे पीरुमदारा क्षेत्र के हल्दुआ बैरियर पर पहुंचे, जहां पर पुलिस उन्हें रोक दिया। पुलिस ने सभी का मौके पर ही डॉक्टरों से उपचार कराया और हल्दुआ बैरियर पर ही एक कमरे में सभी को रखा गया है। रानीखेत जा रहे परिवार में बच्चे भी शामिल है, सभी परेशानी हो रहे है। परिवार में शेखर बुधानी, पत्नी कविता बुधानी, भाई नवीन बुधानी, बेटी रीता, कोमल, खुशी, एक वर्षीय बेटा रूबाल बुधानी है। पीरुमदारा चौकी प्रभारी कविंद्र शर्मा ने बताया कि परिवार का उपचार कराया जा रहा है, अभी किसी को भी आगे भेजने की अनुमति नहीं है। फिलहाल सभी का उपचार कराया जा रहा है और उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है।
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