विक्षिप्त दीपा की दिमागी हालत में हो रहा सुधार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मासूम जैद को पुल से फेंकने वाली दीपा की दिमागी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। अस्पताल में इलाज होने से उसके हाव-भाव भी बदल रहे हैं। कभी-कभी दौरा पड़ने पर वह बाहर निकलने की जिद रही है। बुधवार को पूछने पर उसने मासूम जैद को पुल से नीचे फेंकने की बात नहीं स्वीकारी। अलबत्ता जैद को उसने अपना बच्चा बताया।
विक्षिप्त दीपा का हाल जानने के लिए अमर उजाला की टीम बुधवार को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंची। सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि वह रात में खाना खाकर आराम से सोई। सुबह खुद बोतल में पानी भरकर लाई और खाना खाने के बाद अपना बर्तन भी साफ किया। टीम के पूछने पर उसने पूरी अंग्रेजी वर्णमाला सुना दी। उसे हिंदी वर्णमाला भी याद है। बकौल दीपा वह मूलरूप से नेपाल के महेंद्रनगर जिले के गौजी निवासी धन सिंह अधिकारी की बेटी है।
उसके भाई शेर सिंह अधिकारी दुकान चलाते हैं। उसकी लव मैरिज अवलिया बरेली के राकेश के साथ हुई थी, लेकिन पिता ने उसे बरेली जिले के आलमपुर निवासी पप्पू के हाथ 15 हजार रुपए में बेच दिया था। पप्पू उसके साथ अच्छा सलूक नहीं करता था। उसके चार बच्चे भी हैं। पुलिस ने उसे वीडियो बनाने के आरोप में जेल भेज दिया। बच्चे उसके जेठ भगवान दास पाल रहे हैं।
दीपा का दावा है कि वह इंटर तक पढ़ी है। बार-बार वह पुलिसकर्मियों से अपने घर जाने की जिद कर रही थी और पिता की जगह भाई शेर सिंह से मिलने की इच्छा जताई। सुरक्षा में तैनात महिला सिपाही कुमुद बिष्ट का कहना था कि 12 घंटे में उसे दो-तीन बार दौरा पड़ता है। हालांकि पहले से उसकी हालत में काफी सुधार है।