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अब रामनगर में स्कूल बस के कंडक्टर ने की मासूम से छेड़छाड़

Sun, 07 May 2017 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 May 2017 02:06 AM IST
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Now the conductor of school bus in Ramnagar has been sexually abused
रेप - फोटो : DEMO Pics
हल्द्वानी के ऑरम स्कूल का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब रामनगर के एक स्कूल में पांच साल की बच्ची से स्कूल बस के कंडक्टर ने छेड़छाड़ कर दी। बच्ची के घर वालों ने कंडक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
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पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना से स्कूल में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने आनन-फानन में स्कूल बंद करा दिया। एक गांव की पांच साल की बच्ची यहां गार्डन वैली स्कूल में एलकेजी में पढ़ती है। वह स्कूल की बस से आती-जाती है।
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घर वालों के अनुसार बस का परिचालक रामनगर जलसंस्थान कार्यालय के पास निवासी कौसर खान पुत्र यूसुफ खान बच्ची के साथ बस में अश्लील हरकत करता था। यह भी आरोप लगाया कि वह छुट्टी होने से आधा घंटा पहले ही मासूम को बस में बैठा देता था।
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बच्ची ने इस बारे में घर में बताया तो प्रधानाचार्य से शिकायत की गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि परिचालक की हरकतें बढ़ती चली गईं। बच्ची घबराकर स्कूल नहीं जाने की बात कहने लगी।

शनिवार की सुबह जब बच्ची के चाचा स्कूल पहुंचे तो आरोप है कि परिचालक कौसर खान अश्लील हरकत कर रहा है। उन्होंने उसे दबोच लिया और फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस परिचालक को थाने ले आई। यहां उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट और धारा 354 ए के तहत मुकदमा लिखा गया। बाद में कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। 

स्कूल प्रबंधक ने कहा, नहीं मिली शिकायत

स्कूल प्रबंधक कृपाल मेहरा ने बताया कि बच्चों को खुद अध्यापक बस तक लाइन लगाकर छोड़ने जाते हैं। हां, छोटे बच्चो को पांच मिनट पहले बस में बैठा दिया जाता है। अब पांच मिनट में कंडक्टर ने क्या किया यह तो वही जानें। वैसे बच्ची के घर वालों ने कभी इस बारे में बताया भी नहीं। यह स्कूल को बदनाम करने की साजिश है। बस ठेके में थी। उसे हटा दिया गया है।


बच्चों को छोड़ने के लिए आया जरूरी

महिला आयोग की सदस्य आशा बिष्ट ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। पांचवीं तक के बच्चों को घर आने-जाने तक आया की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही बसों में भी लेडी टीचर होनी चाहिए। सभी स्कूलों में स्टाफ का सत्यापन और आईडी कार्ड भी होना चाहिए। 
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